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ललितपुर में नाबालिग रेपकांड में सिपाही समेत 4 गिरफ्तार:SHO को भागने में की थी मदद, कार चालक फूट-फूट कर रोया; अब तक 12 लोग हो चुके गिरफ्तार

ललितपुरएक महीने पहले
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आरोपियों को जेल ले जाते हुए।

ललितपुर जिले के पाली थाना क्षेत्र में 13 साल की किशोरी के साथ हुए रेप मामले में एसआईटी टीम ने बुधवार को लाइन हाजिर चल रहे सिपाही समेत चार को गिरफ्तार का न्यायालय में पेश किया है। सिपाही सहित अन्य तीन पर आरोपी थानाध्यक्ष को भगाने में सहयोग करने का मामला दर्ज किया गया है।

नीली टी-शर्ट में आरोपी सिपाही।
नीली टी-शर्ट में आरोपी सिपाही।

आरोपियों का कराया गया मेडिकल

इस मामले में पुलिस ने तत्कालीन थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज के अलावा पीडि़ता की मौसी गुलाबरानी के साथ ही साथ गैंगरेप करने वाले आरोपी चंदन, हरीशंकर, महेन्द्र चौरसिया व राजभान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम द्वारा बुधवार को पाली थाने में तैनात रहे लाइन हाजिर चल रहे हेड मुहर्रर सुनील कुमार निवासी मौदहा जिला हमीरपुर के अलावा पाली निवासी अशोक सोनी व उसका भाई हरिराम ने अपनी कार से ड्राईवर रामनरेश निवासी पाली को आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को महोबा से भागने में मदद करने के मामले में गिरफ्तार किया गया । चारों आरोपियों का बुधवार को एसआईटी ने जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण व कोरोना जांच कराने के बाद पास्को न्यायालय में पेश किया गया। गौरतलब है गैंगरेप के मामले में आरोपियों की संख्या 6 से बढक़र 12 पहुंच गई है।

रोता हुआ ड्राइवर।
रोता हुआ ड्राइवर।

जेल ले जाते समय रोया ड्राइवर

ललितपुर के थाना पाली क्षेत्र में रेप मामले आरोपी थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज को भगाने में कार से छोड़ने वाला कार ड्राइवर रामनरेश, कार मालिक अशोक सोनी, हरिराम सोनी को जब न्यायालय ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। जेल ले जाते समय ड्राइवर फूट-फूट कर रोने लगा। वहीं सिपाही सुनील चुपचाप कार में बैठ गया।

भोपाल में 4 लड़कों ने किया रेप, फिर इंस्पेक्टर ने की दरिंदगी

  • 2 अप्रैल को ललितपुर चाइल्ड लाइन की टीम 13 साल की किशोरी व उसकी मां को लेकर एसपी के पास पहुंची थी। यहां पीड़िता की मां ने पुलिस अधीक्षक को बताया था कि 22 अप्रैल को कस्बा पाली निवासी चंदन, राजभान, हरीशंकर व महेंद्र चौरसिया उनकी 13 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर भोपाल ले गए। वहां तीन दिन तक उसका रेप किया।
  • 25 अप्रैल को चारों लड़के उनकी बेटी को पाली थाने में दरोगा के पास छोड़कर भाग गए। दरोगा ने लड़की को उसकी मौसी को सौंप दिया। मौसी द्वारा लड़की को एक आरोपी चंदन की बहन के पास दो दिन के लिए भेज दिया।
  • 27 अप्रैल को थाने में पीड़िता को फिर से बुलाया। उसका बयान लिया। शाम हुई तो लड़की को SHO तिलकधारी सरोज कमरे में ले गए। वहां रेप किया। बाद में लड़की को उसकी मौसी को सौंप दिया। इसकी कोई भी सूचना लड़की के माता पिता को नहीं दी।
  • 30 अप्रैल को लड़की को दोबारा थाने बुलाया। SHO द्वारा पीड़िता को चाइल्ड लाइन एनजीओ को सौंप दिया। चाइल्ड लाइन में बच्ची की कांउसलिंग की गई तो पीड़िता ने SHO के रेप करने वाली घटना बताई। 2 अप्रैल को चाइल्ड लाइन पीड़िता और उसकी मां को लेकर एसपी के पास पहुंचे और आपबीती बताई।
  • एसपी के आदेश पर 2 अप्रैल को आरोपी थानाध्यक्ष पाली तिलकधारी सिंह सरोज, चन्दन, राजभान, हरीशंकर, महेंद्र चौरसिया और पीड़िता की मौसी के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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