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पलिया में विधायक ने 25 मई तक का दिया अल्टीमेटम:शारदा तटबंध पर कटे बंधे का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम व एमएलए, कहा- अगले आठ दिनों में कार्य शुरू होना चाहिए

पलियाएक महीने पहले
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पलिया के शारदा तटबंध पर बाढ़ से कटे बंधे का मंगलवार को विधायक व एसडीएम की मौजूदगी में रेलवे विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। इस दौरान विधायक ने प्रशासन को 25 मई तक निर्माण कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। निर्धारित तिथि तक निर्माण कार्य शुरू न होने पर विधायक ने ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर बंधे का निर्माण कराए जाने की बात कही।

बंधे के निर्माण के बारे में हुई चर्चा
मंगलवार को रेलवे विभाग की सेक्शन इंजीनियर मानसी मित्तल, पीडब्ल्यूडी विभाग के जेई एसपी सिंह, सिंचाई विभाग से कुंदनलाल कर्मचारियों के साथ शारदा तटबंध पर पहुंचे। इस दौरान टीम ने विधायक रोमी साहनी व एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार के साथ बंधे के जल्द निर्माण कार्य को लेकर गहन वार्ता की।

आठ दिनों का दिया अल्टीमेटम
विधायक रोमी साहनी ने मौके पर ही प्रशासन को 25 मई तक बंधे का निर्माण कार्य शुरू कराए जाने का अल्टीमेटम दिया। कहा कि अगर 25 मई तक कटे हुए बंधे का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया जाता है तो वह 26 मई से ग्रामीणों के साथ खुद श्रमदान करते हुए इस बंधे का निर्माण कार्य करेंगे। जिससे पलिया क्षेत्र की जनता को बाढ़ का सामना ना करना पड़ सके।

विधायक रोमी साहनी ने बंधे के निर्माण कार्य में हो रही लेटलतीफी पर नाराजगी भी जाहिर की। कहा कि सिंचाई विभाग रेलवे पर और रेलवे अन्य विभाग पर जिम्मेदारी की बात कहते हुए टालमटोल करता रहता है। जिसे वह अब बर्दाश्त नहीं करेंगे।

जनता को राहत दिलाना ही है उद्देश्य
रेलवे विभाग के अधिकारी मानसी मित्तल ने कहा कि निरीक्षण कर वह अपने उच्चाधिकारियों को पूरी सूचना उपलब्ध कराएंगी। कोशिश होगी कि जल्द ही इस पर काम हो सके। एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार ने बताया कि टीम द्वारा निरीक्षण किया गया है। कोशिश रहेगी कि बारिश के सीजन से पहले ही कटे हुए बंधे का निर्माण कार्य करा दिया जाए, जिससे जनता को राहत मिल सके।

ग्रामीण करेंगे आंदोलन
निरीक्षण के दौरान मौजूद ग्रामीणों ने अधिकारियों पर आरोप लगाया कि इससे पहले भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया था, लेकिन कोई कार्य शुरू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अगर इस बार भी बारिश से पहले प्रशासन अनदेखी करता है तो वह आंदोलन करने को विवश होंगे, क्योंकि बरसात के दिनों में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

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