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लखीमपुर...मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को जमानत नहीं:बचाव पक्ष की दलीलों को कोर्ट ने किया खारिज, कहा- इसे दुर्घटना नहीं कह सकते

लखीमपुर खीरी2 महीने पहले
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जिला अदालत ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका खारिज की। - Money Bhaskar
जिला अदालत ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका खारिज की।

लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को सोमवार को जमानत नहीं मिली। मामले में अभियोजन पक्ष ने 60 गवाहों को पेश किया। इसके अलावा एक नया वीडियो भी पेश किया। इसमें थार गाड़ी में करीब 6 लोग बाहर लटके दिखाई पड़ रहे हैं। सोमवार को प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर जिला जज मुकेश मिश्रा की अदालत में बहस हुई।

बचाव पक्ष ने दुर्घटना साबित करने का प्रयास किया
आशीष मिश्र के वकील ने उसको निर्दोष साबित करने के लिए मामले को दुर्घटना साबित करने का प्रयास किया। अभियोजन पक्ष ने इसे सोची-समझी साजिश करार देकर आशीष को हत्या का दोषी बताया। हालांकि, अभी मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है।

जज मुकेश मिश्रा ने कहा कि थार गाड़ी से 6 लोग लटके दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में हम लोग महज इसे एक दुर्घटना नहीं कह सकते। जज ने ये बात कहकर जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट में सुनवाई 11 बजकर 10 मिनट पर शुरू हुई थी। 2 घंटे 20 मिनट तक अदालत की कार्रवाई चली।

आशीष मिश्र पर अदालत में अपील-दलील

बचाव पक्ष: जिस थार जीप से किसानों को कुचलना बताया गया है, वह मात्र दुर्घटना है।

एसआईटी: इसे महज दुर्घटना नहीं कहा जा सकता। इसके पीछे सोची-समझी साजिश है।

बचाव पक्ष: घटना के समय मौका-ए-वारदात पर आशीष मिश्र उर्फ मोनू उपस्थित नहीं थे।

एसआईटी: घटना से जुड़े तमाम वीडियो, साक्ष्य हैं। आरोपी का घटनास्थल पर होना पाया गया है।

एसआईटी : 3:25 से 3:55 तक आशीष मिश्र उर्फ मोनू कहां पर थे।

बचाव पक्ष: अदालत में इसका कोई जवाब नहीं दिया गया।

बचाव पक्ष: ये एल्बम देखिए। इसमें मोनू मिश्र कार्यक्रम स्थल पर हैं।

एसआईटी: यह सब फोटो पहले से ही एसआईटी टीम और विवेचना एजेंसी के पास मौजूद हैं।

जांच टीम की पूरे मामले पर नजर
इससे पहले मोबाइल जीपीएस, सर्विलांस की रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट की न होने के कारण जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। वहीं इस बार अभियोजन पक्ष की ओर से फाइनल सुनवाई की पूरी तैयारी कर ली गई थी। शासन के आला अधिकारियों ने भी इस मामले में अभियोजन पक्ष से संपर्क करते हुए बेहतर ढंग से पक्ष रखने की रणनीति बनाई थी।

क्रमांक 36 पर हुई आशीष मिश्र की अर्जी
जिला जज मुकेश मिश्रा की अदालत के संबंध में तैयार की गई केस लिस्ट में क्रमांक 36 पर आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी लगी थी। 37 व 38 नंबर पर लवकुश राना और आशीष पांडेय की जमानत अर्जी की सुनवाई सहित कुल 13 जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई लगी थी। सोमवार सुबह अदालत बैठते ही आशीष मिश्र समेत तीनों आरोपियों की जमानत सुनवाई हुई।

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री समेत 14 पर रिपोर्ट
तिकुनिया कांड में अब तक पुलिस 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। 100 से अधिक गवाहों के कलमबंद बयान दर्ज कराए जा चुके हैं। पत्रकार रमन कश्यप की हत्या मामले में उसके भाई पवन कश्यप ने सीजेएम अदालत में लिखित अर्जी देते हुए 14 आरोपियों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई थी। जिसमें प्रमुख आरोपी आशीष मिश्र मोनू के बाद दो नंबर पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को आरोपी बनाया गया है।

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