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10 की मौत से दहली छोटी काशी:परिवार के 9 सदस्यों की एक साथ उठी अर्थियां, दिलशाद मस्जिद के हाफिज से बना था ड्राइवर

लखीमपुर-खीरी2 महीने पहले
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गोला गोकर्णनाथ में 10 लोगों की मौत। - Money Bhaskar
गोला गोकर्णनाथ में 10 लोगों की मौत।

लखीमपुर खीरी में 10 लोगों की मौत से छोटी काशी के लिए अभिशाप बन गया। पीलीभीत सड़क हादसे में एक ही परिवार के 9 लोग और एक चालक की मौत हो गई थी। जिनके शव पोस्टमार्टम के बाद गुरुवार शाम गोला गोकर्णनाथ स्थित घर पहुंचे। गाड़ी जैसे ही मोहल्ले में आई तो परिवार में कोहराम मच गया। पूरे मोहल्ले में गम का माहौल छा गया। गुरुवार शाम को ही श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। मौके पर भारी संख्या में प्रशासन और पुलिस के लोग मौजूद रहे।

शव को अंतिम विदाई देने जाते परिजन और ग्रामीण।
शव को अंतिम विदाई देने जाते परिजन और ग्रामीण।

पिकअप में 17 लोग थे सवार

तीर्थ मोहल्ला स्थित लालमन अपने परिवार के साथ हरिद्वार गंगा स्नान के लिए सोमवार को निकले थे। पिकअप गुरुवार को वापस आते समय पीलीभीत के गजरौला में पिकअप एक पेड़ से टकरा गई थी। पिकअप में कुल 17 लोग सवार थे। लालमन के परिवार के 13 लोग सवार थे। जिसमें से 7 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 2 लोगों ने हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। इसके साथ ही पिकअप चालक की भी मौत हो गई थी।

एक ही परिवार के 9 लोगों का शव पहुंचने पर इकट्ठा हुई भीड़।
एक ही परिवार के 9 लोगों का शव पहुंचने पर इकट्ठा हुई भीड़।

ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

घायल शीलम शुक्ला ने बताया कि घटना रात 11 बजे की है। जब ड्राइवर को नींद आने पर वाहन अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इससे पहले 9 बजे एक ढाबे पर सभी ने खाना भी खाया था। जहां ड्राइवर से आराम करने के लिए भी पूछा, लेकिन उसने कहा कि 4 बजे तक सभी पहुंच चलेंगे। इसके बाद घर पर आराम करेंगे, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह सब देखने को मिलेगा।

रोते-बिलखते ड्राइवर दिलशाद के परिजन।
रोते-बिलखते ड्राइवर दिलशाद के परिजन।

दिलशाद पहले मस्जिद में था हाफिज
मृतक ड्राइवर दिलशाद (35 साल) के घर में भी उसके अलावा कोई कमाने वाला नहीं था। दिलशाद पहले मदरसे में हाफिज था। उसके बाद उसने पिकअप खरीदी थी। तब से अपनी गाड़ी चलाता था। दिलशाद अपने पीछे अपने 18 माह के बेटे और पत्नी को छोड़ गया।

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