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200 रुपए दो नहीं तो सीएम से ही एंबुलेंस लो:लखीमपुर-खीरी में एंबुलेंस चालक ने गर्भवती महिलाओं को घर छोड़ने से किया मना, 11 किलोमीटर पैदल चली

लखीमपुर-खीरीएक महीने पहले
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लखीमपुर-खीरी में एक एंबुलेंस चालक ने दो गर्भवती महिलाओं को एंबुलेंस देने से मना कर दिया। एंबुलेंस चालक ने महिलाओं से घर छोड़ने के बदले 200 रुपए मांगे। जब महिलाओं ने मना किया तो उसने उनको घर छोड़ने से मना कर दिया। इस पर गुस्साई महिलाओं ने कहा कि सीएम योगी ने तो गर्भवती महिलाओं के लिए फ्री एंबुलेंस सेवा दे रखी है। जिस पर एंबुलेंस चालक ने कहा कि जाओ फिर बाबा से ही एंबुलेंस ले लो। पूरी घटना मितौली स्वास्थ्य केंद्र की है। रविवार को महिलाएं जांच के लिए अस्पताल गई हुईं थी।

जांच कराने के लिए मितौली गईं थी महिलाएं

महिलाएं दतेली गांव की रहने वाली हैं। महिलाओं का नाम वंदना और प्रीती है। दोनों के पति किसान हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी ज्यादा अच्छी नहीं हैं। महिलाएं रविवार दोपहर को एंबुलेंस से जांच के लिए मितौली गईं हुई थीं। जांच के बाद जब महिलाएं घर जाने के लिए निकली तो उन लोगों ने एंबुलेंस को बुलाया। एंबुलेंस चालक धर्मेंद्र ने घर छोड़ने के लिए दोनों से 200 रुपए मांगे।

महिला बोलीं- हमारे पास बस 50 रुपए हैं

महिलाओं ने कहा कि हमारे पास बस 50 रुपए हैं, वही ले लो लेकिन घर छोड़ दो। एंबुलेंस चालक नहीं माना और जिद पर अड़ा रहा। जब महिलाओं ने कहा कि एंबुलेंस की सेवा तो सीएम ने दे रखी है, तो एंबुलेंस चालक ने कहा कि फिर उनसे ही ले लो।

रास्ते में एक महिला की बिगड़ी तबियत

चालक के मना करने के बाद दोनों महिलाएं मितौली से कस्ता तक बस से पहुंची। उसके बाद उनको कोई वाहन नहीं मिला। वहां से वो लोग 11 किलोमीटर दूर अपने गांव पैदल गई। इस बीच महिला वंदना की तबियत भी बिगड़ गई। जिसको रास्ते में एक अस्पताल में दिखाया गया। उसके बाद वहां से वो गांव गई।

एंबुलेंस चालक पर होगी कार्रवाई

मामले को लेकर जब CMO डॉ शैलेंद्र भट्नागर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि हम लोगों के संज्ञान में मामला नहीं था। जानकारी मिलने के बाद आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। मामले में जब प्रोजेक्ट मैनेजर रवि प्रकाश से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि चालक से गलती हुई है। एम्बुलेंस चालकों पर कार्रवाई होगी।

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