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बांकेगंज में ट्रेन की चपेट में आए बुजुर्ग की मौत:ओयल ट्रामा सेंटर में कराया गया था भर्ती, रामपुर जिले का था निवासी; अपनी ससुराल आया था

गोला गोकर्ण नाथ4 महीने पहले
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गोला गोकर्णनाथ के बांकेगंज क्षेत्र में सोमवार की शाम को ट्रेन की चपेट में आने से एक बुजुर्ग गम्भीर रूप से घायल हो गया था। जिसे पहले गोला सीएचसी में भर्ती कराया गया था। बाद में जिले के ओयल ट्रामा में रेफर कर दिया था। जिसकी देर रात मौत हो गयी। ट्रेन से टकराने के बाद बुजुर्ग को होश नहीं आया था, जिससे उसकी काफी समय तक पहचान नहीं हो पायी थी। शाम को जब सोशल मीडिया के माध्यम से फोटो वायरल की गई, तब रिश्तेदार मौके पर पहुंचे। फिलहाल मृतक जिला रामपुर का निवासी है और अपने एक रिश्तेदार के यहां आया हुआ था।

जानकारी के मुताबिक मृतक का नाम जितेन्द्र सिंह उर्फ जीतू (65) था , जोकि जिला रामपुर के बिलासपुर का निवासी था। मृतक बांकेगंज के बलारपुर निवासी मंगल सिंह के यहां आया हुआ था जो कि उनका दामाद था। सूत्रों के मुताबिक मृतक को उसकी बहू प्रताड़ित करती थी। इसलिए वह परेशान रहता था और रामपुर से बांकेगंज चला आया था।

बुजुर्ग के घायल होने के बाद जीआरपी को सूचना दी गयी
सोमवार को गाड़ी संख्या 05085 अपने निर्धारित समय से बांकेगंज से गोला के लिए चली थी कि रेलवे स्टेशन से करीब 1500 मीटर की दूरी पर 176/6 रेलवे विद्युत पोल के निकट अचानक ट्रेन में ब्रेक लग गई, जिससे ट्रेन में बैठे यात्री सहम गये और ट्रेन के डिब्बे के बाहर सभी देखने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रेलवे की पटरियों के किनारे एक बुजुर्ग घायल अवस्था में पड़ा हुआ था। लोको पायलट ने गार्ड को सूचना दी, गार्ड मौके पर आये साथ ही जीआरपी के सिपाही भी आए।

मृतक जितेन्द्र सिंह (फाइल फोटो)।
मृतक जितेन्द्र सिंह (फाइल फोटो)।

घायल को गोला सीएचसी में भर्ती कराया
चूंकि घटना स्थल तक एम्बुलेंस जाने का कोई रास्ता न मिला, इसलिए मौके से उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया, जहां से घायल को गोला सीएचसी में भर्ती कराने का निर्देश दिया गया। इस दौरान ट्रेन करीब 15 मिनट खड़ी रही और करीब 4 बजे छूटी। मौके पर जमा भीड़ से घायल की पहचान करने के लिए कहा गया लेकिन, घायल बुजुर्ग की कोई पहचान न हो सकी थी।

घायल की पहचान के लिए पुलिस ने सोशल मीडिया पर डाली फोटो
घायल की पहचान के लिए थानाध्यक्ष रामलखन पटेल ने स्थानीय लोगों की मदद मांगी थी और सोशल मीडिया पर फोटो वायरल करवाया। जिसके बाद जब मृतक के रिश्तेदारों को जानकारी होती है, तो वह लखीमपुर के ओयल ट्रामा सेंटर पहुंचते हैं। जहां पर देर रात उसकी मौत हो जाती है।

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