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गोला कोतवाल लगातार कर रहे कोर्ट के आदेशों की अवहेलना:पूर्व कोतवाल के विरूद्ध दर्ज वाद में नहीं पहुंची आख्या, पीड़ित 3 महिलाओं ने कोर्ट की शरण ली

गोला गोकर्ण नाथ4 महीने पहले
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गोला गोकर्णनाथ में पुलिस अत्याचार से पीड़ित तीन महिलाओं ने, तीन अलग-अलग मामलों में न्याय के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। तीनों मामलों में से किसी भी प्रकरण में अभी तक वर्तमान कोतवाल धर्म प्रकाश शुक्ला ने कोई भी आख्या नहीं भेजी है।

मामला पूर्व कोतवाल विवेक उपाध्याय पर लगे आरोपों को लेकर है, जिनके विरुद्ध रजागंज के समीप ग्राम मूर्तिहा की रेखा देवी ने 22 जून को कोर्ट की शरण ली थी जिसके बाद पहली बार कोतवाल को 6 जुलाई को उपस्थित होना था, लेकिन आज तक न ही आख्या प्रस्तुत की न ही स्वंय उपस्थित हुए, उसके बाद गोला के तीर्थ मोहल्ला निवासी ज्योती गुप्ता जिसके साथ पूर्व कोतवाल ने गाली गलौज की थी, जिसके बाद 4 अगस्त 2022 को 156/3 से एफआईआर के लिए कोर्ट की शरण ली। तीसरी महिला गोला क्षेत्र की रहने वाली एक रेप पीड़िता महिला है। जिसने पूर्व कोतवाल पर पुलिस कस्टडी में रेप का आरोप लगाया है। इन तीनों महिलाओं ने कोर्ट के द्वारा एफआईआर दर्ज़ कराये जानें के लिए याचिकाऐं डाली हैं।

वर्तमान कोतवाल अब 28 सितम्बर को आख्या प्रस्तुत करेंगे
ज्ञात हो कि पूर्व कोतवाल विवेक उपाध्याय का पिछले माह 12 अगस्त को कोतवाली धौरहरा में तबादला हो गया था। जिसके बाद से नवागत कोतवाल धर्मप्रकाश शुक्ला की को सम्बन्धित मामलों को लेकर विशेष सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार यादव प्रथम के समक्ष आख्या प्रस्तुत करनी थी, लेकिन उन्होंने सोमवार को भी आख्या प्रस्तुत नहीं की अब अगली तारीख 28 सितम्बर है जिसमें आख्या प्रस्तुत करना होगा।

मित्रता निभाते के चलते आख्या नहीं भेजी जा रही
दो महिलाओं ज्योती गुप्ता व रेखा देवी के केस की पैरवी कर रहे वकील सन्तोष त्रिपाठी ने बताया कि पूर्व कोतवाल ने अभी तक महिला रेखा देवी और ज्योति गुप्ता मामले में कोर्ट के समक्ष एक भी आख्या प्रस्तुत नहीं की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान कोतवाल धर्म प्रकाश शुक्ला और विवेक उपाध्याय प्रगाढ़ मित्र हैं। वर्तमान कोतवाल धर्म प्रकाश शुक्ला, अभियुक्त विवेक उपाध्याय से मित्रता निभाते हुए न्यायालय के आदेशों की जान बूझकर अवज्ञा कर रहे हैं। उन्होनें यह भी बताया कि राजनीतिक पहुँच के चलते कोतवाल पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई ।पूर्व गोला कोतवाल पर गोला में तैनाती के दौरान कई बड़े आरोप लगे हैं, जिनमें से 3 मामलें कोर्ट में गये।

पूर्व गोला कोतवाल विवेक उपाध्या।
पूर्व गोला कोतवाल विवेक उपाध्या।

यह हैं प्रमुख मामलें​​​​​​

पहला मामला
25 अप्रैल 2022 को बजाज चीनी मिल परिसर में गोला कोतवाल विवेक उपाध्याय ने शान्तिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे राष्ट्रीय किसान शक्ति संगठन के पटेल श्रीकृष्ण वर्मा के साथ-साथ अन्य अन्य किसानों को कोतवाली ले जाकर बंद कर दिया था। साथ ही अधिवक्ता व पत्रकार के साथ भी बदसलूकी की थी। इस सम्बन्ध में वकीलों और पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन किया व ज्ञापन दिया लेकिन, कोतवाल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दूसरा मामला
30 मई को गोला कोतवाली क्षेत्र के गांव मूर्तिहा निवासी दलित व्यक्ति धर्मेंद्र (29) को गोला पुलिस को घर से पकड़ कर ले गई थी। पति को छोड़ने के बदले कोतवाल ने पत्नी रेखा देवी से 40,000 रूपये मांगे थे , जिस पर पैसे की व्यवस्था न होने पर धन्मेद्र को पुलिस कस्टडी में इतना पीटा गया कि उसकी जेल में मौत हो गई थी। इस मामले में भी पीड़िता रेखा देवी ने एसपी आफिस के सामने धरना प्रदर्शन कर एसपी से कार्रवाई की मांग की थी लेकिन, कोतवाल पर कोई कार्रवाई न होते देख परिवार को कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। मामले में कोतवाल को 10 अगस्त को कोर्ट में पेश होना था।

तीसरा मामला
हैदराबाद के ममरी में पिता सुरेशचंद वर्मा के घर रह रही बेटी श्वेता पटेल ने थाना गोला के कंजा निवासी ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ना देने का आरोप लगाया था, जिसमें गोला कोतवाल उसकी ससुराल वालों से साठगांठ कर ली और दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज नहीं किया था। हालांकि इस मामले में बाद में आख्या प्रस्तुत की गई।

चौथा मामला
सावन के पहले सोमवार के पहले रविवार की शाम मन्दिर के गर्भगृह में श्रंगार पूजा के समय कोतवाल की तानाशाही देखने को मिली, जिसका वीडियो भी कैमरे में कैद हुआ। कोतवाल ने श्रद्धालुओं को धक्के मारकर बाहर भगाया, जिस पर पूरे गोला गोकर्णनाथ में कोतवाल की चारों ओर निंदा हुई, कार्रवाई के सम्बन्ध में तमाम संगठनों ने ज्ञापन भी दिए लेकिन, ऊंची पहुंच के चलते कोई कार्रवाई न हुई।

पांचवा मामला
गोला के तीर्थ मोहल्ले की ही रहने वाली ज्योति गुप्ता (26) पुत्री उमेश चन्द्र गुप्त अपनी सहयोगी महिलाओं शिवानी गुप्ता, माधुरी कश्यप, किरण कश्यप, रेखा गुप्ता, माया शाह, शांति शाह, आदि तमाम महिलाओं के सहयोग से प्यासे कांवड़ियों को पानी पिला रही थी तब पूर्व कोतवाल ने उनके साथ अभद्रता कर उन्हे गालियां दी थी। जिसमें भी उच्चाधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की तो महिला ने कोर्ट का सहारा लिया।

छठा मामला
गोला तहसील के एक मोहल्ले की निवासी महिला ने आरोप लगाए कि पुलिस कस्टडी के दौरान उसका बलात्कार हुआ था। जिसको लेकर महिला ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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