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गोला में रामलीला के सातवें दिन राम-केवट संवाद:केवट ने धोए प्रभु श्रीराम के चरण; रासलीला में माखन चोरी दृश्य ने मोहा मन

गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर खीरी)2 महीने पहले
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गोला गोकर्णनाथ में रामलीला का मंचन चल रहा है। रविवार शाम रामलीला के सातवें दिन राम-केवट संवाद का मंचन हुआ। राम केवट संवाद को शिव मंदिर के पास बने तीर्थ सरोवर पर दर्शाया गया। जिसमें तीर्थ सरोवर को गंगा मानकर वृत्तांत को दर्शाया गया। मेला मैदान की जगह तीर्थ सरोवर पर राम-केवट संवाद को देखने के लिए स्थानीय और दूर दराज से आए लोगों की भीड़ रही।

श्री रामलीला के सातवें दिन रामलीला से रंगमंच पर भगवान श्रीराम, सीता और लक्ष्मण को रथपर बैठाकर गंगा के समीप पहुंचते हैं। वहां पर उनकी भेंट निषाद राज से होती है। श्रीराम से सारा वृतांत सुनकर गंगा पार के लिए निवेदन करते हैं। जो केवट को आवाज लगाते हैं। केवट कहता है कि मैं अपनी नैया में प्रभु को अब न बैठाऊंगा। राम पूछे रहे हैं क्यों तो केवट कहते हैं कि प्रभु आपके चरणों से पत्थर की शिला नारी बन गई थी, मेरी नाव भी नारी ना बन जाए।

केवट ने श्रीराम का चरण धोने को कहा
वह श्रीराम के चरणों को धोने के लिए कहता है। कहता है कि तभी नाव में बैठाऊंगा। इस प्रकार केवट भगवान के चरण धोता है। चरण धोकर नाव में श्रीराम लक्ष्मण और सीता को बैठाता है। केवट श्रीराम-लक्ष्मण, सीता को गंगा पार उतार देता है। भगवान श्रीराम नाव में उतारवाई देते हैं। केवट उतरवाई नहीं लेता है। वह कहते हैं कि प्रभु जब मैं आपके द्वार आऊं, तो भवसागर पार उतार देना। गंगा पार के बाद श्रीराम लक्ष्मण और माता सीता चित्रकूट में जाकर डेरा डाल देते हैं। वहां वह कुटिया बनाकर रहना शुरू कर देते हैं।

रामलीला में राम-केवट संवाद का मंचन किया गया।
रामलीला में राम-केवट संवाद का मंचन किया गया।

रासलीला में माखन चोरी की लीलाओं का हुआ मंचन
वहीं, रात में श्रीकृष्ण रासलीला में भगवान श्री कृष्ण की बचपन की माखन चोरी की अलग-अलग लीलाओं का मंचल हुआ। श्रीकृष्ण किस तरह से गोपियों के घर जाकर माखन चुराया करते थे, वह दिखाया गया है। इस दौरान कान्हा के माखन चुराने की शिकायत लेकर पहुंची गोपियों का मंचन सबसे आकर्षण का केंद्र रहा। इस दौरान एक गोपी कान्हा जी को पकड़कर यशोदा मैया के पास पहुंचती है, लेकिन भगवान उस गोपी के बेटे का रूप धारण कर लेते हैं।

हर रोज 9 बजे से रात 12 बजे तक चलता है कार्यक्रम
पंडाल में मौजूद दर्शकों ने इस मंचन को देखकर खूब तालियां बजाई। इस दौरान नंद में पहुंची राधा जी की सगाई का मंचन भी किया गया। कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि यह रासलीला बुधवार तक जारी रहेगी। उस दिन कंस की मृत्यु के बाद श्री कृष्ण की रासलीला का समापन किया जाएगा। बताया कि यह आयोजन रोजाना रात 9 बजे से रात 12 बजे तक किया जा रहा है। इस दौरान श्रीकृष्ण की लीला देखने के लिए कई लोगों जुटे रहे।

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