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लखीमपुर में श्री रामलीला का किया जा रहा मंचन:लंका दहन का हुआ मंचन, बजरंग बली के जयकारों से गूंजा परिसर, कल होगा रावण दहन

गोला गोकर्ण नाथ2 महीने पहले
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लखीमपुर खीरी जिले में छोटी काशी में श्री रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंगलवार के मंचन में माता सीता की खोज में हनुमान जी लंका पहुंचे। यहां अशोक वाटिका में फल खाने से रोकने के लिए रावण के बेटे अक्षय कुमार का वध कर दिया। इसके बाद राक्षसों ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी। राक्षसों द्वारा अपनी पूंछ में आग लगाए जाने पर हनुमान ने रावण की लंका में आग लगा दी।

इस प्रसंग से पहले हनुमान जी ने समुद्र को लांघकर लंका में लंकिनी का वध किया। अशोक वाटिका में पहुंच गए। उसी समय रावण ने माता सीता से विवाह करने का आग्रह किया। इसे ठुकराए जाने पर रावण ने राक्षसियों से सीता जी को आतंकित करने के निर्देश दिए। इसके बाद सीता जी रोने लगती हैं।

हनुमान जी ने अशोक के पेड़ से अंगूठी सीता जी के पास डाल दी

सीता जी को रोते देख विभीषण पुत्री त्रिजटा ने कहा कि उसने सपना देखा है कि रावण के बाल बने हुए हैं और वह गधे पर जा रहा है। यह सपना सत्य हो सकता है इसलिए सीता अपना ध्यान रखो। बाद में हनुमान जी ने अशोक के पेड़ से श्री राम जी द्वारा दी गई उनकी अंगूठी सीता जी के पास डाल दी। इसे देखकर व अचंभित हो गईं।

हनुमान जी नीचे आकर सीता जी के समक्ष हाथ जोड़कर खड़े हो गए। कहा जल्दी ही प्रभु श्री राम आएंगे और रावण को मारकर आपको ले जाएंगे। उसके बाद सीता जी की आज्ञा लेकर हनुमान जी अशोक वाटिका में फल खाना शुरू करते हैं। राक्षसों की सेना कैद कर हनुमान जी को रावण के समक्ष लाती है। उसके बाद रावण ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगवा दिया। इसके बाद हनुमान जी ने लंका में आग लगा दी।

लंका का विध्वंस करने के बाद जब हनुमान जी श्री राम के पास आए तो दो समुद्र के ऊपर पुल बांधा गया और शिव जी की स्थापना की गई। मेला मैदान में हो रही श्री रामलीला में 5 अक्टूबर बुधवार को श्रीराम के समक्ष विभीषण की शरण, कुंभकरण, मेघनाथ और दशशीश रावण का वध का मंचन किया जाएगा।

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