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धौरहरा में ग्राम पंचायतों का आयोजन:आवास,राशनकार्ड व खराब पड़े हैंडपम्प का छाया रहा मुद्दा, कुछ जगहों पर नहीं पहुंचे अधिकारी

धौरहराएक महीने पहले
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लखीमपुर खीरी के धौरहरा क्षेत्र में गुरुवार को 16 ग्राम पंचायतों में लगी ग्राम चौपालों में आवास,शौचालय,राशन कार्ड, गौशाला, सफाईकर्मियों की तैनाती समेत अन्य शिकायतों का अंबार लग गया। जिसमें चंद शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। अन्य शिकायतों के निस्तारण का समय देकर जल्द ही समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया गया है। इस बार गांवों में लगी चौपालों में कुछ में से सबसे अहम बात यह रही कि नामित प्रेक्षक व अन्य जिम्मेदार चौपाल तक नहीं पहुचे, जिससे ग्राम पंचायत अधिकारी या ग्राम प्रधान को ही शिकायतें सुननी पड़ीं।

तहसील क्षेत्र के ब्लॉक ईसानगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत लौकाही ईसानगर,सुर्जनपुर,मूडी, मुड़िया,परसिया,शेखपुर व चपकहा सहित धौरहरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मूसेपुर,पैकापुर,बेलवामोती,रसूलपुर व राजापुर भज्जा तथा रमियाबेहड़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत टेकी कुन्डा,जमहौरा, प्रमोधापुर व पिपरा नदी पार में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया। जिसमें अधिकतर गांवों में राशनकार्ड,आवास व खराब पड़े नलों को बनवाने के लिए शिकायतें आई वहीं इसके साथ साथ अधूरे पड़े व नए शौचालय बनवाने,गौ-शेड बनवाना, बाल विकास पुष्टाहार का सुचारु रूप से वितरण न होना समेत गांवों में फैली गंदगी को लेकर सफाईकर्मी की तैनाती की शिकायतों के मामले आये। जिसमें से कुछ शिकायतों का तो मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया वहीं अधिकतर शिकायतों पर जल्द ही विचार कर निस्तारण करने का आश्वासन दिया गया है।

चौपालों में मौजूद लोग
चौपालों में मौजूद लोग

अचानक गांवों में हुई सफ़ाई

इस दौरान पैकापुर गांव समेत कुछ अन्य गांवों में नामित प्रेक्षक समेत अन्य जिम्मेदारों के न पहुचने की वजह से अकेले ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम प्रधान को ही शिकायतें सुननी पड़ी। अचरज में पड़े लोग गुरुवार को ईसानगर,धौरहरा व रमियाबेहड़ ब्लॉक के गांवों में हुई ग्राम चौपालों के कुछ देर पहले ही अचानक गांवों में पूर्व की भाँति कई कई सफाई कर्मी पहुच कर सड़कों,स्कूलों में फैली गंदगी को साफ़ करने लगे। जिसको देख ग्रामवासी अचरज में पड़ गए।

इससे पहले अधिकतर गांवों में सड़कों पर फैली गंदगी को देखने वाला कोई नहीं था। जिसे देख लोगों के मुंह से असमय ही यह निकल पड़ा कि काश उनके गांव में हर दिन इसी तरह की ग्राम चौपालें लगने लगे। जिससे गांव में फैली गंदगी पूर्णतया साफ़ हो जाएं।

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