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कुशीनगर…बड़ौदा बैंक डाटा माइग्रेशन का काम मुसीबत का कारण:बड़ौदा यूपी बैंक खाताधारकों के सामने खड़ा हुआ बड़ा संकट, बैंक अधिकारी नहीं दे रहे माकूल जवाब

कुशीनगर6 महीने पहले
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कुशीनगर - Money Bhaskar
कुशीनगर

कुशीनगर में बीते डेढ़ महीने से पूर्व में पूर्वांचल बैंक रहे और अब बड़ौदा यूपी बैंक में मर्ज हो रहा है। खाताधारकों के सामने बड़ा आर्थिक (वित्तिय) संकट खड़ा हो गया है। सरकार से गन्ने का भुगतान, धन का भुगतान, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन, किसान सम्मान निधि, ई श्रम लाभ योजना, आशा कर्मियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय नहीं मिल पा रहा है।

सप्ताह बाद लेन देन की प्रक्रिया शुरू करने की कही थी बात

बैंक ने दिसंबर 2021 के पहले सप्ताह में पूर्वांचल बैंक को पूरी तरह बड़ौदा यूपी बैंक में अपडेट करने और डाटा माइग्रेशन कर उसे पूर्ण करने के लिए खाता धारकों से एक सप्ताह का समय लिया था और कहा था कि एक सप्ताह बाद लेन देन की प्रक्रिया पहले की तरह शुरू हो जाएगी। लेकिन बैंक द्वारा ली गयी समय से भी डेढ़ महीने का अधिक समय बीत गया, लेकिन कुछ भी ठीक नहीं हुआ।

नहीं शो हो रहा भुगतान का मैसेज

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूर्व का पूर्वांचल बैंक ग्रामीण क्षेत्रों तक फैला है। इसी बैंक में आम आदमी, महिलाओं एवं किसानों का सर्वाधिक खाते है। वहीं मानदेय पर काम करने वाले वर्करों को भी विभाग ने क्षेत्रीय बैंक (पूर्वांचल बैंक) में खाता खोलवा रखा है। दूसरी ओर अन्य बैंकों में जिनके खाते हैं। उन्हें सरकार द्वारा मिलने वाले योजनाओं का लाभ समय से प्राप्त हो जा रहा है। जबकि इस बैंक के खाताधारक अपने खाते में पैसा न आने की बात कह उससे वंचित समझ रहें है। खाते की जांच और पैसे के लेन देन को लेकर हर दिन विवाद की स्थिति बन रही है। बड़ी समस्या तब हो जा रही जब कोई व्यक्ति किसी दुकानदार को ऑनलाइन अपने मोबाइल से गूगल पे, फोन पे, भीम एप्प से डिजिटल भुगतान कर रहा। खाताधारक जब इस प्रक्रिया को कर रहा तो उसका मैसेज ही नहीं शो कर रहा।

हर कोई परेशान

पूर्वांचल बैंक का पुराना एटीम भी समस्या बना हुआ है। एटीएम रखे ग्राहकों को पुनः बैंक के एटीएम से नया पिन कोड बनाना पड़ रहा। जबकि इस बैंक का ग्रामीण क्षेत्रों एवं कस्बों में कोई एटीएम मशीन ही लगा नजर नहीं आ रहा। बैंक कर्मचारी भी इस समस्या के समाधान का कोई हल नहीं बता पा रहे हैं। गांव के मजदूर, किसान, वृद्धा, विधवा, मानदेय वर्कर परेशान हैं। खरवास का महीना बीत गया, लोगों के यहां शादी विवाह व अन्य आवश्यक आयोजन शुरू होने वाले है, और उनके पैसों का भुगतान का समय से न होना, उनके लिए चिंता का विषय बन गया है।

उक्त के सम्बंध में जानकारी के लिए बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक डीएस पांडेय से बात की गई तो उन्होंने बताया कि माइग्रेन के कारण उत्तपन्न हुई समस्याओं का समाधान एक साथ नहीं समाधान हो पा रहा , दुरुस्त करने के लिए कार्य किया जा रहा, लेकिन अभी भी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन प्रक्रिया ने दिक्कत आ रही हैं। आधार लिंकिंग में समस्या आ रही हैं। क्योंकि लिंक कराने के बाद भी अपडेट नहीं हो पा रही। सभी समस्याओं पर कार्य चल रहा है पर अभी समय कितना लगेगा इसके बारे में बता पाना मुश्किल है।