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कुशीनगर…फर्जी मेडिकल कॉलेज में पढ़ते रहे 400 छात्र:ANM वैकेंसी में सलेक्शन के दौरान फर्जी सर्टिफिकेट का हुआ खुलासा, अब अधिकारियों के चक्कर काट रहीं छात्राएं

कुशीनगर6 महीने पहले
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कुशीनगर - Money Bhaskar
कुशीनगर

कुशीनगर के हाटा कोतवाली क्षेत्र में पैरामेडिकल कॉलेज के संचालन और फर्जी मार्कशीट देने का मामला सामने आया है। जिसमें लगभग 400 बच्चों का भविष्य अंधकार में लटका हुआ है। फर्जी मार्कशीट और पैरामेडिकल का खुलासा सरकार द्वारा निकाली गई एएनएम की वैकेंसी में एक छात्रा के सलेक्शन के बाद ज्वाइनिंग में प्रमाणपत्रों की जांच के दौरान खुलासा हुआ। जिसके बाद छात्रों ने कॉलेज संचालन के विरुद्ध कार्रवाई और प्रत्येक छात्रों से हुए फीस के नाम पर लाखों की वसूली की वापसी के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।

प्रसाशन के सामने चल रहा था, कॉलेज लाखों रुपये फीस पर रिजल्ट फर्जी

पिपरा बाजार की रहने वाली फर्जीवाड़े की शिकार छात्रा मुन्नी ने बताया कि हाटा नगरपालिका के पगरा में Nh28 के किनारे जननी पैरामेडिकल नर्सिंग साइंस इंस्टीट्यूट एण्ड जननी हॉस्पिटल का वर्ष 2018 में क्षेत्रीय भाजपा विधायक पवन केडिया ने उद्घाटन किया था। कॉलेज में MBBS (NEET) से लेकर BAMS, GNM, DDLT, M.Sc.Nursing जैसे लगभग 30 कोर्स की पढ़ाई कराने का विधिवत प्रचार प्रसार भी कराया गया। सभी कोर्स 1 साल से साढ़े पांच साल तक के थे। विधायक द्वारा किया गया उद्घाटन और सभी अधिकारियों के नजरों के सामने 4 सालों से चलाए जा रहे कॉलेज पर किसी भी अधिकारी की कोई नजर नहीं पड़ी। हमारी दोस्त का जब सलेक्शन एएनएम में हुआ तो प्रमाणपत्र की जांच में रिजल्ट फर्जी मिला। तबसे हम अधिकारियों से दोषी संचालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए ठोकरे खा रहे हैं। कोई सुनने वाला नही हैं।

संचालक पुलिस की मदद से फसाने की दे रहा धमकी

ममता ने बताया कि संचालन हमारे ही दोस्तों को पुलिस की मदद से झूठे केस में फंसाने की धमकियां दे रहें। हम लोग कर्ज लेकर किसी तरह अपनी पढ़ाई पूरी किए ताकि अपने परिवार को सहारा दें पर इस तरह के फर्जीवाड़े ने हमारे सपनो और परिवार की उम्मीदें तोड़ दिया। पढ़ाई के कामों के साथ संचालक छात्रों से कॉलेज के निर्माण में हो रहे कामो को भी कराया करता था। हम सबको यह उम्मीद न थी कि यही संस्थान हमारे सपनों की कब्र बन जाएगी। अब कोई हमारी सुनता ही नहीं। केवल इतनी ही विनती हैं कि हमारे घरवालों की मेहनत की कमाई और कर्ज से जो लाखो की फिस ली गयी हैं। उसे ही लौटा दे और फिर किसी के साथ इस तरह की धोखाधड़ी न हो।

मजदूरी और कर्ज लेकर भरी थी फीस टूट गए सपने

मनीषा ने बताया कि हमें रिजल्ट कुछ लोगों को नेशनल कॉउंसिल ऑफ पैरामेडिकल & पैरामेडिकल साइन्स तो कुछ को अब्दुल कलाम ग्रुप ऑफ एजुकेशन का रिजल्ट मिला है। जिसके लिए हम सबसे 2 से चार साल के समय के साथ लाखों की फीस ली गयी पर जब इसकी हकीकत रद्दी कागजों के बराबर ही है। हमारे घर के लोगों ने मेहनत मजदूरी करके किसी तरह लाखों की फीस भरी।

चार साल पहले क्षेत्रीय भाजपा विधायक ने किया था उद्घाटन

भाजपा विधायक पवन केडिया से जब इस मामले पर फोन से बात की गई तो उन्होंने संचालक से कोई परिचय न होने की बात कही। कहा मैं जनप्रतिनिधि हुं उन्होंने बुलाया होगा तो मैं उनके उद्घाटन कार्यक्रम में चले गए होंगे। मुझे पहले उसके बारे बिल्कुल भी पता नहीं था। हमसे छात्रों ने जब मुलाकात की तो हमने उनके लिए कोतवाल हाटा से बात कर उचित कार्रवाई को कहा है।

Sdm ने 21 जनवरी तक जांच करने की बात कही

फर्जीवाड़े के शिकार बच्चों ने उपजिलाधिकारी हाटा पुर्ण बोरा से मुलाकात कर शिकायत की। जिसके बाद उपजिलाधिकारी ने उन्हें बताया कि चुनावी व्यस्तता होने के बाउजूद हम इन छात्रों की शिकायत पर विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराकर जिलाधिकारी और मुख्यचिकित्सा अधिकारी को रिपोर्ट देंगे। इसके लिए हमने छात्रों से 21 जनवरी तक का समय कहा है, जो दोषी हैं। उस पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी। हमें इस क्षेत्र ने आए ज्यादा समय नहीं हुआ पर ऐसे किसी फर्जी संस्थान का पहला केस हमारे सज्ञान में है। अगर इस तरह की कोई सूचना हमें मिलेगी तो उस पर भी जांच करा कार्रवाई की जाएगा।

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