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खड्डा में सेक्रेटरी की मनमानी:ग्राम सचिवालय पर रोजाना नहीं बैठते, नहीं रखते हैं कोई रिकॉर्ड, ग्रामीण ब्लॉक मुख्यालय तक दौड़ लगाने को मजबूर

खड्डाएक महीने पहले
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खड्डा ब्लाक अंतर्गत दर्जनों गांव ऐसे हैं, जहां ग्राम सचिवालय तो बने हैं लेकिन ग्राम सेक्रेटरी नहीं बैठते हैं और ना ही वह गांव से संबंधित रिकॉर्ड को सचिवालय में ही रखते हैं। जिससे ग्रामीणों को ब्लॉक मुख्यालय पर बने उनके कमरों तक की दौड़ लगानी पड़ती है। साथ में ही अधिकतर ग्राम सचिवालय में ताला लटका रहता है।

घर से आकर करते हैं ड्यूटी
सरकार ने लाखों रुपए की लागत से गांव में ग्राम सचिवालय का निर्माण कराया कि गांव के लोगों को ज्यादातर समस्याएं गांव में ही दूर हो जाए। लेकिन ग्राम सचिवालयों के भवन तो बन गए लेकिन इन ग्राम सचिवालयों में ना तो कोई बैठक होती है और ना ही ग्राम सचिव ही बैठते हैं। इतना ही नहीं उस गांव का कोई भी रिकॉर्ड ग्राम सचिवालय पर नहीं रहता है, जिससे ग्रामीणों को कुटुंब रजिस्टर की नकल लेने व जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र लेने ब्लॉक मुख्यालय में बने सेक्रेटरी के कमरों तक की दौड़ लगानी पड़ती है। अधिकतर ग्राम सचिव ब्लॉक मुख्यालय में कमरा तो ले लिए हैं लेकिन वह उसमें निवास नहीं करते हैं वह अपने घरों से आकर ड्यूटी करते हैं।

72 गांव में मात्र 11 सेक्रेटरी ही हैं तैनात
खड्डा ब्लाक अंतर्गत 72 ग्राम सभायें हैं जिनमें मात्र 11 सेक्रेटरी के जिम्में ही गांव के कार्यों की जिम्मेदारी है। 1-1 सेक्रेटरी के पास जनसंख्या के हिसाब से तैनाती की गई है। किसी के पास 4 गांव तो किसी के पास 10 से 11 गांव हैं जिन ग्राम सचिवों के पास 11 गांव हैं वह प्रतिदिन प्रत्येक गांव में कैसे आएंगे प्रश्न चिन्ह है। जब भास्कर ने बसडीला गांव के ग्राम सचिवालय को देखा तो वहां ताला लटका हुआ मिला वहां ग्रामीणों ने बताया कि यहां सिगरेट्री कभी 2 से 3दिन आते हैं। वही ग्राम सभा मिश्रौली के ग्राम सचिवालय पर ताला लटका हुआ था। तभी ग्रामप्रधान अवधेश कुशवाहा आए औरबताया कि सेक्रेटरी आते हैं सचिवालय प्रतिदिन खुलता है। जब उनसे सेक्रेटरी के पास कितने गांव हैं पूछा गया तो उन्होंने बताया कि 10 से 11 गांव है तो वो कैसे प्रतिदिन आते हैं। इस पर ग्राम प्रधान ने चुप्पी साध ली।

वही ग्राम सभा बोधी छपरा को देखा तो वहां ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मिले। वहां भी गुड्डू साहनी ने बताया कि ग्राम सेक्रेटरी आते हैं लेकिन पूरा दिन नही रहते हैं। ग्राम सभा दरगौली के प्रधान प्रतिनिधि आर पी मल्ल बताते हैं कि हमारे गांव में सकेट्री हफ्ते में 2 दिन आते हैं वह दो दिन में ही कार्यों को निपटा कर चले जाते हैं वही अवधेश कुशवाहा ने बताया की सचिवालय में कोई रिकॉर्ड नहीं रहता है। पूरे ब्लाक अंतर्गत 59 गांव में ही ग्रामसचिवालय बनाए गए हैं 13 ग्राम सभाओं में ग्राम सचिवालय बनाए जा रहे हैं जो शीघ्र बनकर तैयार हो जाएंगे। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राजीव मोहन त्रिपाठी का कहना है कि सभी ग्राम सेक्रेटरी को गांव में ही कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है केवल मीटिंग को छोड़कर वह गांव में रहें। जब लोग गांव में नहीं रहते हैं तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।

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