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हाटा में शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे लोग:करोड़ों की लागत से बना ओवरहेड टैंक बना महज शोपीस, पानी के लिए दर दर भटक रहे ग्रामीण

हाटाएक महीने पहले
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लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए कुछ वर्ष पहले सरकार ने शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी करोड़ो रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण व पाइपलाइन बिछाने के साथ ही टोटी भी लगा दिया था, लेकिन हाटा क्षेत्र में आज तक लोगों के दरवाजे तक एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचा है। इस क्षेत्र में लोग शुद्ध जल पीने के लिए दुकान से पानी खरीदते हैं।

बता दें कि ठेकेदार की लापरवाही व विभाग की उदासीनता के चलते लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। स्थानीय विकासखण्ड मुख्यालय परिसर में लगभग सात से आठ वर्ष पूर्व सवा दो करोड़ रुपये की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण हुआ था, जो आज सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है।

हैंडपंप का निर्माण नहीं हो सका।
हैंडपंप का निर्माण नहीं हो सका।

अधूरा काम छोड़कर ठेकेदार फरार
जल निगम विभाग ने वर्ष 2007-2008 में ब्लॉक परिसर के ग्राम पंचायत सुकरौली, सेमरी महेशपुए व विशुनपुर ठूठी के लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया था। इस दौरान पाइप लाइन बिछाने के साथ ही पंप हाउस का कार्य शुरू हुआ तो लगा कि अब यहां के लोगों को भी शुद्ध पेयजल मिलेगा, लेकिन ओवरहेड टैंक का निर्माण आधा अधूरा छोड़कर ठेकेदार फरार हो गया।

2014 में पूरा हुआ काम
लोगों की इसकी शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी रिग्जियान सैम्फल से की। उन्होंने संज्ञान लेते हुए विभाग को निर्देशित किया। इसके बाद दूसरे ठेकेदार द्वारा वर्ष 2014 में ओवरहेड टैंक का कार्य पूरा कराया गया। हालांकि यह कार्य भी लोगों के हित में नहीं हुआ। जो पाइपलाइन बिछाई गई थी, वह पुरानी और मानक के अनुसार न होने की वजह से कुछ ही सालों में क्षतिग्रस्त हो गई। इसका यह नतीजा रहा कि लोगों को पानी मिलने बंद हो गया। आज सालों बीत गए हैं, लेकिन शुद्ध पेयजल की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।

अधूरा कार्य छोड़कर भागे ठेकेदार।
अधूरा कार्य छोड़कर भागे ठेकेदार।

खरीदकर पीना पड़ता है पानी
कस्बा निवासी दुर्गेश यादव ने बताया कि इतना बड़ा टैंक सिर्फ शोपीस है। लोगों के दरवाजे तक इस टैंक का एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचता है। कहा कि गर्मी का मौसम है, पानी खरीदकर पीना पड़ता है। विवेक पांडेय ने बताया कि काफी दिनों से ओवरहेड टैंक बना है। तमाम लोगों के दरवाजे पर टोटी लगी है, लेकिन उसमें से आज तक पानी नहीं निकला।

जल्द होगी जल आपूर्ति
स्थानीय निवासी राजेश सिंह ने बताया कि लोगों को शुद्ध जल मुहैया कराने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपया खर्च किया जा रहा है, लेकिन लोगों तक इसका पानी नहीं पहुंच रहा है। वहीं पंप ऑपरेटर राम दयाल यादव ने बताया कि नई पाइपलाइन बिछाने के लिए विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। नई पाइपलाइन बिछाने के बाद ही पेयजल की आपूर्ति शुरू हो पाएगी।

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