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कौशाम्बी पुलिस पर लगा दाग!:मर्डर के खुलासे में नहीं, शव छुपाने में जुट गई पुलिस, दरोगा समेत 3 सिपाही लाइन हाजिर

कौशाम्बीएक वर्ष पहले
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पिपरी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में 18 अक्टूबर की सुबह एक अज्ञात युवक की लाश नहर की झाड़ियों में मिली थी। - Money Bhaskar
पिपरी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में 18 अक्टूबर की सुबह एक अज्ञात युवक की लाश नहर की झाड़ियों में मिली थी।

कौशाम्बी में हरियाणा के नरेंद्र सिंह की हत्या के मामले में रविवार को एक चौकी इंचार्ज सहित दो सिपाहियों को लाइन हाजिर किया गया है। हालांकि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। लेकिन पुलिस की घोर लापरवाही भी सामने आई है।

दरअसल, पिपरी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में 18 अक्टूबर की सुबह एक अज्ञात युवक की लाश नहर की झाड़ियों में मिली थी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर शिनाख्त की कोशिश शुरू की। लाश मिलने के करीब 3 घण्टे बाद सराय अकिल पुलिस ने इमली गांव से एक लग्जरी कार लावारिस हालत में बरामद की, जिसके आधार पर पुलिस ने शव की पहचान नरेंद्र सिंह (35) पुत्र लक्ष्मण सिंह निवासी सनोली रोड चांदनी बाग थाना पानीपत हरियाणा के रूप में हुई।

दस्तावेजों से हुई पहचान
पुलिस को कार में मिले दस्तावेजों के आधार पर पिपरी थाना क्षेत्र के जवई गांव निवासी घनश्याम का पता चला। बताया जा रहा है कि घनश्याम पानीपत में नरेंद्र सिंह के साथ प्राइवेट कंपनी में काम करता था। जिससे मिलने नरेंद्र हत्या के दो दिन पहले कौशाम्बी के जवई गांव आया था। जिसकी हत्या घनश्याम व उसके साथी शिवपूजन एवं सुशील पाठक के मिलकर कर रुपये के लालच में कर दी। और लाश को ठिकाने लगाने सराय अकील थाना इलाके के इमली गांव होते हुए मृतक की कार से किसी अज्ञात स्थान पर जा रहे थे। तभी पुलिस ने चेकिंग के लिए गाड़ी को रोका तो हत्यारे कार व लाश छोड़ फरार हो गए।

स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि वह करीब तीन बजे सुबह गांव जा रहा था तभी पुलिस की भीड़ देख उसने रोकने की कोशिश की लेकिन सराय अकिल पुलिस ने उसे धमका कर भगा दिया। जाते जाते उसने देखा की गाड़ी में एक शख्स लेटा है। इसके बाद क्या हुआ उसे नहीं पता सुबह लाश और कार अलग अलग जगहों पर मिलने की जानकारी हुई। लेकिन पुलिस के डर से वह कुछ नहीं बोला।

करीबी रिश्तेदार पहुंचे और शव ले गए
नरेंद्र सिंह की मौत की खबर पाकर उसके भाई ज्ञान सिंह समेत करीबी रिस्तेदार कौशाम्बी पहुंचे और पीएम की कार्यवाही के बाद शव लेकर वापस लौट गए। भाई ज्ञान सिंह ने पुलिस को तहरीर देते हुए हत्या का आरोप नरेंद्र के साथी घनश्याम पर लगाया। जबकि हत्याकांड में पुलिस ने घनश्याम को छोड़ जवई गांव के सुशील पाठक एवं तिल्हापुर गांव के शिवपूजन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

पुलिस अधकारियों के सामने अपने इकबालिया बयान में शिवपूजन ने अपना जुर्म कबूल करते हुए हत्या की बात कबूल की, पर शव को पिपरी के दुर्गापुर गांव में फेंके जाने की बात से इनकार कर दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, शिवपूजन ने शव को ले जाते समय इमली गांव के पास पुलिस के रोकने पर फरार होने की बात बताई।

कैसे खुला हत्याकांड
पुलिस को अपने इकबालिया बयान में शिवपूजन ने बताया, नरेंद्र सिंह की हत्या उन्होंने उसके रुपये हासिल करने की नीयत से करने की बात स्वीकार की। हत्या के बाद वह लाश लेकर उसे ठिकाने लगाने जा रहे थे। तभी चौकी भगवानपुर के सिपाहियों ने उन्हें टार्च मार रोका। पुलिस के बचने के लिए वह और घनश्याम कार छोड़ फरार हो गए। भागते समय घनश्याम अपने मोबाईल के जगह नरेंद्र सिंह का मोबाईल फोन लेकर भाग आया। जिसके चलते पुलिस उस तक पहुंच गई।

पुलिस का गुड वर्क बनाम बैड वर्क
नरेंद्र सिंह हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त घनश्याम फरार है, बावजूद इसके पुलिस ने शिवपूजन और सुशील को अरेस्ट कर खुलासे का दावा कर दिया। पुलिस की जल्दबाज़ी में पुलिस के दमन पर लगा दाग भी अब सतह पर आ गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाली रात पुलिस को जब नरेंद्र की लाश कार में मिली थी तो सराय अकिल पुलिस ने शव को अपने थाना क्षेत्र के हटा कर सरकारी जीप से पिपरी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गांव में नहर में फेक दिया। ताकि उसके क्षेत्र का क्राइम ग्राफ न बढ़े।

फिलहाल, एसपी राधेश्याम ने सराय अकिल थाना पुलिस के कारनामे पर कार्यवाही का चाबुक चला दिया है। पिछले दो दिनों से जारी कार्यवाही में कानून व्यवस्था का हवाला देकर एसपी ने थानेदार सराय अकिल, चौकी इंचार्ज भगवानपुर, थाना वाहन चालक सिपाही एवं दो अन्य सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया है। एसपी राधेश्याम ने इस बाबत कानून व्यवस्था का हवाला देकर पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की बात कही है।

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