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चायल में फाइलेरिया की दवा से बिगड़ी छात्रा की हालत:इलाज के दौरान मौत, प्रभारी चिकित्साधिकारी बोले-दवा का नहीं है कोई साइड इफेक्ट

चायल3 महीने पहले
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चायल के विकास खंड नेवादा के दरियाव का पुरवा मजरा पनारा गोपालपुर गांव में गुरुवार को फाइलेरिया की दवा खाने के कुछ घंटों बाद ही छात्रा की हालत बिगड़ गई। परिवार के लोगों ने उसे सीएचसी में भर्ती कराया। शुक्रवार को छात्रा की मौत हो गई।

इलाज के बाद भी छात्रा की हालत में सुधार नहीं हुआ तो डाक्टरों ने शुक्रवार की शाम जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। परिजन छात्रा को लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत होने से परिवार में कोहराम मच गया। फिलहाल परिजनों ने किसी तरह का आरोप नहीं लगाया है, उन्होंने शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया है।

घटना के बाद गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दवा खाने वाले अन्य लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया लेकिन उन्हें सब कुछ ठीक मिला। मामले में स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों के मुताबिक शायद छात्रा की मौत गर्मी से डिहाइड्रेशन होने के कारण हुई होगी।

यह है पूरा मामला

दरियाव का पुरवा गांव निवासी अशोक कुमार सोनी मजदूर हैं। उसकी 14 वर्षीय बेटी कृति सोनी गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा सात की छात्रा थी। अशोक के मुताबिक गुरुवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नेवादा की टीम ने गांव पहुंचकर घर-घर फाइलेरिया की दवा खिलाई थी। दोपहर करीब 1:30 बजे घरवालों के साथ ही कृति ने भी फाइलेरिया की दवा खाई थी। शाम तक तो सबकुछ ठीक-ठाक था लेकिन रात करीब आठ बजे से कृति की हालत बिगड़ने लगी।

उल्टी दस्त के साथ ही उसे उलझन होने लगी। हालत गंभीर होती देख वह उसे सीएचसी लेकर गये। वहां डाक्टरों ने उसका इलाज भी किया लेकिन उसकी हालत लगातार बिगड़ती देख डाक्टरों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वह उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। अचानक हुई बेटी की मौत से अशोक समेत परिजनों में कोहराम मच गया।

कृति की मौत की खबर सुनकर गांव में दवा खाने वाले अन्य लोग डरे हुए हैं। ग्राम प्रधान की सूचना पर गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कई लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया लेकिन उन्हें सब कुछ ठीक मिला।

प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ललित कुमार सिंह।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ललित कुमार सिंह।

मामले में प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ललित कुमार सिंह का कहना है कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है। दवा खाने के आठ घंटों बाद छात्रा की तबीयत बिगड़ी है, किसी भी दवा का साइड इफेक्ट दो तीन घंटों में होता है। शायद गर्मी अधिक होने से छात्रा को डिहाइड्रेशन हुआ होगा इसी कारण मौत हुई होगी।

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