पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नई पीसीसी में जिला अध्यक्षों की नहीं चली:विधानसभा चुनाव में भितरघात करने वालों को किया गया किनारे

कानपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कांग्रेस पार्टी ने पीसीसी सूची जारी कर दी। - Money Bhaskar
कांग्रेस पार्टी ने पीसीसी सूची जारी कर दी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की घोषणा के तीसरे दिन पार्टी ने पीसीसी सूची जारी कर दी। जारी की गई सूची में भीतर घाटियों को किसी भी तरह से स्थान नहीं दिया गया। प्रदेश के अधिकतर जिला अध्यक्षों की भेजी गई सूची का बहुत ज्यादा महत्व नहीं दिया गया। कानपुर से श्रीप्रकाश जायसवाल, राजीव शुक्ला, अजय कपूर, प्रमोद जायसावल प्रमुख नाम है।

विधानसभा चुनाव लड़ने वाले सभी पूर्व प्रत्याशियों को जगह देने का काम किया गया है। पीसीसी में जातीय समीकरण साधते हुए 10 महिलाएं शामिल की गई हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए मैदान में आए मल्लिकार्जुन खड़गे 7 अक्टूबर को लखनऊ में बैठक करेंगे। इसके बाद शशि थरूर के आने की भी संभावना बनी हुई है।

कानपुर शहर और देहात में बनाए गए 50 से अधिक सदस्य
2024 लोकसभा चुनाव और उससे पहले स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर कांग्रेस तेजी से सक्रिय हो गई हैं। पार्टी के पुनर्गठन का काम तेज हो गया है। कानपुर उत्तर व दक्षिण, कानपुर ग्रामीण तथा कानपुर देहात से 50 से भी अधिक पीसीसी सदस्यों के नाम सामने आये हैं। ये सभी राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के मतदाता हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला, 3 बार विधायक रहे अजय कपूर भी पीसीसी सदस्य घोषित किए गए हैं।

जिला अध्यक्षों की नहीं चली
कानपुर में इससे पूर्व में जब भी जिला अध्यक्षों की सूची जाती थी, तो उनमें से कुछ नाम ले लिए जाते थे। लेकिन इस बार कानपुर जिले की तीनों इकाइयों में ऐसा देखने को नहीं मिला। चर्चा है कि कानपुर जिला अध्यक्ष उत्तरी, कार्यवाहक जिला अध्यक्ष दक्षिण और ग्रामीण जिला अध्यक्ष एक भी नाम पीसीसी की सूची में शामिल नहीं करा पाए । बल्कि पीसीसी सूची में कई ऐसे नाम आ गए जिससे जिला अध्यक्षों की उलझने काफी ज्यादा बढ़ गई है। इन जिला अध्यक्षों को अब अपना अस्तित्व बचाना मुश्किल पड़ रहा है।

पुराने दिग्गज किये गये किनारे
पीसीसी की सूची में कई पुराने दिग्गजों को को किनारे कर दिया गया है। पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा, हाफिज मोहम्मद उमर और सरदार कुलदीप सिंह का नाम सूची से गायब है। खड़गे सात अक्टूबर को लखनऊ में यूपी के सभी पीसीसी के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद शशि थरूर का दौरा होगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के मद्देनजर करके बनाई गई लिस्ट
राहुल गांधी के अध्यक्ष पद की दौड़ से हट जाने का सीधा असर पीसीसी सदस्य बनाने में हुआ। कानपुर और कानपुर देहात की 14 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस से चुनाव लड़ने वाले लगभग सभी प्रत्याशियों को पीसीसी में शामिल कर लिया गया है। पीसीसी सूची को लेकर रोष है। इसको देखते हुए कुछ नाम बढ़ाए भी जा सकते हैं।

2022 के पीसीसी सदस्य
​​​​​​​
पीसीसी इस प्रकार हैं। अवनीश सनूजा, जय शंकर द्विवेदी, जेपी पाल, कृष्णा ठाकुर, अमरदीप गंभीर, प्रमोद जायसवाल, नीतू मिश्रा, हरिकिशन भारती, अशोक कुमार निषाद, हरप्रकाश अग्निहोत्री, अजय कपूर, शैलेष आनंद, तुहीद, ममता तिवारी, शोहिल अख्तर अंसारी, शुहेल अहमद, अब्दुल मन्नान, अभिनव नारायण तिवारी, राजीव शुक्ला, सुनीत त्रिपाठी, संजीव दरियावादी, श्रीप्रकाश जायसवाल, सरिता सेंगर, प्रतिभा अटलपाल,

शरद मिश्रा, सुरेंद्र कटियार, देवी प्रसाद राठौर, सगीर अहमद, मदन मोहन शुक्ला, अमरीश सिंह गौर, सत्यवीर सिंह, हरिशंकर चतुर्वेदी, शमीम कुरैशी, नेकचंद्र पांडेय, सुनील वाल्मीकि, राम सजीवन शंखवार, आलोक मिश्रा, ऊषा रानी कोरी, संतोष पाठक, राजेश राजपूत, हीरा लाल निषाद, एसपी तिवारी, उमेश चंद्र दीक्षित, सुमन तिवारी, संदीप शुक्ला, तनिष्क पांडेय, विकास अवस्थी, संयोगिता वर्मा, रीता कठेरिया, नेहा तिवारी विकास सोनकर, करिश्मा ठाकुर भी शामिल हैं।

कानपुर से 10 महिलाओं मिली जगह

पीसीसी की नयी सूची में कानपुर और कानपुर देहात से जिन लोगों को जगह दी गयी है उनमें से 10 महिलाएं हैं। ये सभी कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव में मतदान को अधिकृत हैं। महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष रीता कठेरिया कहती हैं कि संभवतः पहली दफा ऐसा हुआ है, कि कांग्रेस ने पीसीसी में कानपुर से सभी जातिवर्ग की इतनी महिलाओं को पीसीसी में जगह दी है। महिलाओं में भी सभी जाति वर्ग का संतुलन साधा गया है।

रीता कठेरिया कहती हैं कि करिश्मा ठाकुर, सरिता सेंगर हैं तो उषारानी कोरी व मैं खुद हूं। ममता तिवारी, सुमन तिवारी, संयोगिता वर्मा, प्रतिभा अटलपाल, नीतू मिश्रा और कृष्णा ठाकुर भी हैं। कांग्रेस ने राजनीति में महिलाओं की शक्ति को पहचाना और उन्हें महत्व दिया। इसका लाभ इसी साल होने वाले निकाय चुनाव व 2024 के लोकसभा चुनाव में निश्चित मिलेगा।

खबरें और भी हैं...