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लद्दाख में शहीद जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा कानपुर:अभिषेक मिश्रा के अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब, नम आंखों से दी गई विदाई

कानपुर4 महीने पहले
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शहीद कैप्टन के पार्थिव शरीर पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन। - Money Bhaskar
शहीद कैप्टन के पार्थिव शरीर पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन।

बीती 14 जनवरी को लद्दाख में तैनात कैप्टन अभिषेक मिश्रा शहीद हो गए थे।देर रात वह पत्नी संग कमांडिंग ऑफिस जाते समय ट्रक खाई में गिरने से उनकी मौत हो गई। किसी तरह उनकी पत्नी को रेस्क्यू करके बचाया गया। रविवार को अभिषेक मिश्र का पार्थिव शरीर उनके निवास कानपुर पहुँचा। जहां शहरवासियों ने नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी।
कमांडिंग ऑफिस जाते समय ट्रक खाई में गिरा

कैप्टन अभिषेक मिश्रा लेह लद्दाख में तैनात थे। कमांडिंग ऑफिस जाते समय उनकी पत्नी अच्छी मिश्रा भी साथ थी। बताया जाता है कैप्टन अभिषेक ट्रक से कमांडिंग ऑफिस जा रहे थे। देर रात के चलते घना कोहरा छाया हुआ था। पहाड़ी रास्ता होने के कारण दृश्यता कम थी। जिसमें ढलान पर होने के कारण ट्रक अनियंत्रित हो गया। हालांकि परिवार की जान बच गई लेकिन खाई में गिरने से उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी अक्षी मिश्रा की जान किसी तरह बचाई गई। लेकिन कैप्टन अभिषेक शहीद हो गए।

कानपुर के रहने वाले थे कैप्टन अभिषेक, लद्दाख में थे तैनात

सड़क हादसे का शिकार हुए कैप्टन अभिषेक मिश्रा कानपुर के रहने वाले थे। उनका निवास कानपुर के श्याम नगर स्थित आदर्श बिहार में था। वह लद्दाख में तैनात तैनात थे। हादसे में शहीद कैप्टन अभिषेक मिश्र का पार्थिव शरीर 16 जनवरी को शहर पहुंचा । सेना के जवान उनके पार्थिव शरीर को लेकर सुबह ही श्याम नगर स्थित आवास पहुंचे । जहां सैकड़ों की संख्या में लोगों का हुजूम मौजूद था। जैसे ही उनका पार्थिव शरीर आवास पहुंचा हर एक की आंखें नम हो गईं ।
अंतिम दर्शन को पहुंचा लोगों का हुजूम, जनप्रतिनिधि भी पहुंचे

शहीद के पार्थिव शरीर के पहुंचने से पहले उनके आवास पर लोगों का हुजूम उमड़ने लगा । शहर से सांसद सत्यदेव पचौरी, सतीश महाना सहित क़ई जनप्रतिनिधि भी शहीद को अंतिम विदाई देने पहुंचे। उन्होंने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित किए। उनके परिवार को सांत्वना दी । उन्होंने कहा इस दुख की घड़ी में हम शहीद के परिवार के साथ हैं । उन्हें हर मदद का आश्वासन भी दिया ।मौके पर सेनानायक और ब्रिगेडियर भी मौजूद रहे । उन्होंने भी शहीद को अंतिम सलाम दिया ।