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अष्टमी पर दुर्गा पंडालों पर खास पूजन:संधि पूजन में की जा रही मां की विशेष पूजा, मनाया जा रहा दीपोत्सव

कानपुर4 महीने पहले
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चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में पारंपरिक तरीके से मां की आराधना करती हुईं बंगाली समाज की महिलाएं।

नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का खास महत्व होता है। आज अष्टमी पर दुर्गा पूजा पंडालों में संधि पूजन कर मां की आराधना की जाएगी। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। अष्टमी तिथि पर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 4 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगा। संधि पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 4 बजकर 13 मिनट से शाम 5 बजकर 1 मिनट तक रहेगा।

चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में धुनुची नृत्य करतीं भक्त।
चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर में धुनुची नृत्य करतीं भक्त।

पंडालों में हो रहे भव्य आयोजन
शहर में अर्मापुर, एबी विद्यालय, डीएवी लॉन, कालीबाड़ी मंदिर, स्वरूप नगर में दुर्गा पूजा के बड़े आयोजन होते हैं। यहां आज की विशेष पूजा के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। वहीं ढाक की थाप पर धुनुची नृत्य की भी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कई दुर्गा पूजा पंडालों में रविवार को ही धुनुची नृत्य हुआ।

अर्मापुर दुर्गा पूजा में मां के सामने युवतियों ने किया नृत्य।
अर्मापुर दुर्गा पूजा में मां के सामने युवतियों ने किया नृत्य।

शहर में यहां हो रहे हैं बड़े आयोजन
श्रीश्री बारवारी दुर्गा पूजा माल रोड के संयुक्त सचिव अमित कुमार मित्रा बताते हैं, मालरोड का दुर्गा पंडाल शहर के प्राचीन पंडालों में से एक है। आज संधि पूजा का विशेष महत्व होता है। वहीं मालरोड स्थित एबी विद्यालय, किदवईनगर, फूलबाग, मोतीझील, श्याम नगर, अर्मापुर, बाबूपुरवा, काकादेव, डीएवी लॉन, मोतीझील, चकेरी के कालीबाड़ी मंदिर, शास्त्रीनगर, पांडुनगर, OEF, सूटरगंज, कृष्णा नगर से लेकर शहर के बाहरी हिस्सों तक में पंडाल सजते हैं और महामाई के जयकारे गूंजते हैं।

मॉडल टाउन में सजी दुर्गा पूजा पंडाल में शंख बजाती युवती।
मॉडल टाउन में सजी दुर्गा पूजा पंडाल में शंख बजाती युवती।

इन दिनों के खास पूजन विधि

अष्टमी- पुष्पांजलि के साथ मां के महागौरी स्वरूप का पूजन। इसी दिन संधि पूजन में दीपोत्सव की तर्ज पर मां के दरबार में दीप जलाकर पूजन होता है। धुनुची नृत्य किया जाता है, जिसमें बंगाली समाज विशेष परिधान पहनकर ढाक की थाप पर नृत्य करता है।
नवमी- मां के कन्या रूप का पूजन।
दशमी- मां के दरबार में सिंदूर खेला का आयोजन। मां को पान और मिष्ठान का भोग। सिंदूर अर्पण, संधि पूजन और धुनुची नृत्य।

शास्त्री नगर स्थित पूजा पंडाल में मां के भक्तों ने किए दर्शन।
शास्त्री नगर स्थित पूजा पंडाल में मां के भक्तों ने किए दर्शन।

आज के पूजन के शुभ मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त - सुबह 11.52 से दोपहर 12.39
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05.59 से शाम 06.23
अमृत काल - शाम 07.54 से रात 09.25
शोभन योग - 3 अक्टूबर, दोपहर 02.22