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  • After Finding 10 Positive Patients Of Zika In The City, 105 Mosquitoes Have Been Sent In Minus 20 Degree Temperature, Efforts Are Being Made To Trace The Source And Find Out The Mutants Of Zika. Kanpur

कानपुर में जीका की एंट्री पर कवायद हुई तेज:शहर में जीका के 10 पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद माइनस 20 डिग्री तापमान में भेजे गए हैं 105 मच्छर, सोर्स का पता लगाने और जीका के नए म्युटेंट को पता करने की कोशिश की जा रही है

कानपुर8 महीने पहले
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शहर में मिल चुके है 10 पॉजिटिव मरीज - Money Bhaskar
शहर में मिल चुके है 10 पॉजिटिव मरीज

शहर में बढ़ते जीका वायरस के पॉजिटिव मरीजों को अब स्वास्थ्य विभाग गंभीरता से ले रहा है। दिल्ली और लखनऊ से आई टीमें अभी तक इसके सोर्स का पता नहीं लगा पाई है। वायरस के फैलने खतरा अभी भी चकेरी इलाके में बना हुआ है। इन सबके बीच दिल्ली से आयी सोर्स रिडक्शन टीम ने चकेरी इलाके से रविवार को 105 मच्छर पकडे गए और लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस से दिल्ली भेजे गए हैं। शनिवार को भी इस टीम ने 84 मच्छर पकड़ कर दिल्ली भेजे थे। दिल्ली से आई टीम इन मच्छरों का लैब में टेस्ट करेगी। दिल्ली से आए डॉ अशोक तालियान ने बताया, इन मच्छरों की लैब में जांच करा कर शहर में बढ़ रहे जीका के सोर्स का पता लगाएगा। साथ ही इसमे कोई नया म्युटेंट तो नहीं आया है इसके बारे में भी पता लगाया जाएगा।

माइनस 20 डिग्री तापमान में भेजे गए हैं मच्छर...
पिछले दिनों पोखरपुर और परदेवनपुरवा इलाकों से भेजे गए सभी 16 मच्छरों की जेनेटिक रिपोर्ट निगेटिव आई थी। आज तीसरी बार कानपुर से पकड़े गए 105 मच्छरों को जांच के लिए भेजा गया है, जो इन दोनों क्षेत्रों के अलावा वायुसेना परिसर से पकड़े गए हैं। इसके अलावा काज़ी खेड़ा, पोखरपुर, परदेवनपुर, तिवारीपुर, जाजमऊ और शिवकटरा से भी मच्छरों पकड़ा गया है। यह वही इलाके है जो सबसे पहले मिले मरीज के घर के चार किलोमीटर के दायरे में है। टीम ने कुछ मच्छर चार किलोमीटर के दायरे से बाहर के भी हैं ताकि शहर के अन्य इलाकों का हाल जानने के लिए उनकी जांच की जा सके। इन मच्छरों को विशेष रूप से बनाए गए माध्यम बॉक्स में माइनस 20 डिग्री तापमान के साथ भेजा गया है, जिससे इनका आनुवंशिक परीक्षण किया जा सके।

इन सवालों का मिलेगा परीक्षण से जवाब..
यह परीक्षण पर्यावरण में मौजूद अन्य मच्छरों में जीका वायरस की उपस्थिति और आक्रामकता का पता लगाएगा। और इस परीक्षण में यह जाना जायेगा कि उनमें ज़ीका है या कोई अन्य वायरस? क्या जीका वायरस उत्परिवर्तित हो गया है? मच्छर कैसे पनप रहे हैं यानी उनकी प्रवृत्ति क्या है? क्या यह नए तरह का मच्छर नहीं है?