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हैलट के बाल रोग विभाग में बेड और वेंटीलेटर बढ़े:48 घंटे में वायरल फीवर, निमोनिया, मलेरिया के 38 बच्चे एडमिट हुए

कानपुर4 महीने पहले
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जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल के बाल रोग विभाग के बेड फुल हो गए हैं। पिछले 48 घंटे में वायरल बुखार, निमोनिया, मलेरिया, डायरिया के 38 से ज्यादा पेशेंट बच्चे यहां एडमिट हुए हैं। विभाग में सिर्फ 120 बेड हैं। यहां करीब 255 बच्चे भर्ती हैं। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज करना पड़ रहा है। प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बाल रोग विभाग में करीब 65 बेड और बढ़वाए हैं। डॉ. संजय काला ने बताया,"बच्चों का 18 बेड का अलग आईसीयू भी बनाया गया है।"

14 नए वेंटीलेटर मंगवाए, अब कुल 38 हुए

ये तस्वीर वार्ड में लगवाए गए नए बेड की है। इन पर नए मरीजों को एडमिट किया जा रहा है।
ये तस्वीर वार्ड में लगवाए गए नए बेड की है। इन पर नए मरीजों को एडमिट किया जा रहा है।

इस अस्पताल में 14 नए वेंटिलेटर भी लगा दिए गए हैं। इसके पहले पूरे बाल रोग विभाग में 24 वेंटीलेटर थे। नए वेंटिलेटर लगाने के अब विभाग के पास कुल 38 वेंटिलेटर हो गए है।

एनआईसीयू और पीआईसीयू में भी बढ़े बेड
बाल रोग चिकित्सालय में स्थित न्यू बोर्न इंटेंसिव केअर यूनिट (एनआईसीयू) पहले से ही फुल है। यहां 25 बेड हैं। इसमें दो से तीन गुना ज्यादा बच्चे भर्ती रहते है। 22 बेड का पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट है (पीआईसीयू) का भी यही हाल है। बाल रोग अस्पताल में कानपुर समेत आसपास के जिलों के बीमार बच्चे भर्ती होते हैं। प्राचार्य प्रो.संजय काला ने बताया,"बच्चों के बेड बढ़ा दिए गए हैं। यहां फीवर क्लीनिक, पीडियाट्रिक ओपीडी के गंभीर रोगियों को रखा जाएगा। न्यू मैटरनिटी विंग में बच्चों के लिए एनआईसीयू में 8 यूनिट और पीआईसीयू में 12 यूनिट बढ़ाई गई है।

100 बेड के आईसीयू का है प्रस्ताव
मेडिसिन के वार्ड नंबर 14, 15, 16 को बदल कर 100 बेड का आईसीयू बनाने की तैयारी है। शासन को प्रस्ताव भेजा गया है।

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