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सपा नेता की कंपनी में 450 करोड़ की फर्जी बिलिंग:IT टीम ने 10 करोड़ के गहने-कैश किए जब्त, झांसी से तिजोरी उखाड़ कानपुर लाए

कानपुर/झांसी4 महीने पहले
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सपा के पूर्व MLC के घनाराम इंफ्रा ग्रुप और इससे जुड़े बिल्डरों के यहां 6 दिन तक IT यानी इनकम टैक्स टीम ने छापेमार कार्रवाई की। कानपुर और झांसी में 150 अधिकारियों ने 32 ठिकानों को खंगाला है। झांसी के जानकीपुरम में CA दिनेश सेठी के घर पहुंची IT टीम को दरवाजा तोड़ना पड़ा। अंदर पहुंची तो एक तिजोरी मिली। उसे कटर से काटने की कोशिश की गई। नहीं कटी तो टीम उखाड़कर अपने साथ कानपुर ले आई है।

अब तक की र्कारवाई में 450 करोड़ की फर्जी बिलिंग और लेनदेन का मामला सामने आया हैं। 10 करोड़ के गहने और कैश भी मिले हैं।

IT सूत्रों का कहना है कि 75 करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। समूह के CA दिनेश सेठी के आवास से इलेक्ट्रानिक तिजोरी सीज की गई है। चार डायरी भी बरामद हुई है, जिनमें 75 लोगों के नाम लिखे हैं। इनमें कई के साथ कैश लेनदेन किया गया।

ये तस्वीर घनाराम ग्रुप के मालिक के बंगले की है। कानपुर में इस बंगले पर भी IT टीम ने छापा मारा था।
ये तस्वीर घनाराम ग्रुप के मालिक के बंगले की है। कानपुर में इस बंगले पर भी IT टीम ने छापा मारा था।

उधारी दिखाकर कैश का हुआ खेल
छह दिन तक चली पड़ताल में कुल 450 करोड़ का फर्जीवाड़ा मिला है। इसमें 250 करोड़ का हिस्सा फर्जी बिलिंग का है। छह साल से इस तरह की बिलिंग की जा रही थी। बिलिंग को लेकर संबंधित समूह किसी तरह के स्पष्टीकरण नहीं दे सका। जमीनों, फ्लैट की बिक्री और खरीद में बड़े पैमाने पर कैश लेनदेन किया गया।

ये कैश रियल इस्टेट से बाहर आने के बाद कहां गया? इसके स्रोत का संतोषजनक जवाब विभाग को नहीं मिला है। जांच में पाया गया कि उधारी दिखाकर कैश का खेल किया जा रहा था। अलग-अलग लोगों को करोड़ों की उधारी कागजों में दिखाई गई।

इलेक्ट्रानिक तिजोरी को डीकोड करने की कोशिश
CA दिनेश सेठी के यहां मिली इलेक्ट्रानिक तिजोरी को पहले डीकोड करने की कोशिश की गई। नहीं हुई तो कटर से काटने का प्रयास हुआ। जब तिजोरी नहीं कटी तो उसे उखाड़कर कानपुर लाया गया। वहां से मिली चार डायरी में 75 से ज्यादा लोगों के नाम और कैश लेनदेन का जिक्र है। डायरी में लिखे लोगों के नाम की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। डायरी में सबसे ज्यादा नाम झांसी के लोगों के हैं, जिसमें कारोबारियों के अलावा राजनीतिक दलों के लोग हैं।

IT ने CA दिनेश सेठी के घर को सील कर दिया और तिजोरी उखाड़कर अपने साथ ले गई। ये तस्वीर झांसी की है।
IT ने CA दिनेश सेठी के घर को सील कर दिया और तिजोरी उखाड़कर अपने साथ ले गई। ये तस्वीर झांसी की है।

6 महीने तैयारी, फिर घनाराम ग्रुप पर छापा
झांसी में घनाराम इंफ्रा ग्रुप और इससे जुड़े बिल्डरों पर रेड की तैयारी IT की इन्वेस्टिगेशन विंग 6 महीने से कर रही थी। IT टीम कई बार झांसी आई। उसने ग्रुप के निदेशक बिशुन सिंह यादव और उनके भाई सपा के पूर्व MLC श्याम सुंदर सिंह यादव के ठिकानों की जानकारी जुटाई।

यहां ( 6 महीने तैयारी, फिर घनाराम ग्रुप पर छापा, पढ़ें पूरी खबर...)

झांसी में कैंप ऑफिस बनाया
कानपुर जोन के जोनल डायरेक्टर इन्वेस्टिगेशन अतुल कुमार के नेतृत्व में IT टीमें झांसी पहुंची थीं। इलाइट चौराहे के पास आयकर विभाग के दफ्तर को कैंप ऑफिस बनाया गया। यहां से जोनल डायरेक्टर सभी टीमों को लीड कर रहे हैं।

27 से ज्यादा डील के कागजात सील
बुधवार को आयकर विभाग के 150 से ज्यादा अफसरों ने भारी सुरक्षा बल के साथ झांसी के बड़े रियल इस्टेट समूह घनाराम और उनके सहयोगियों बिल्डर संजय अरोड़ा, शिवा सोनी, विजय सरावगी, मयंक गर्ग और वीरेंद्र राय के 32 ठिकानों पर एक साथ छापे मारे थे। घनाराम समूह के निदेशक बिशुन सिंह, उनके भाई श्याम‌ सुंदर सिंह हैं। श्याम सुंदर सपा के पूर्व MLC हैं।

उनके अलावा कानपुर के कल्याणपुर के नवशील धाम में राकेश यादव के यहां भी छापा मारा गया था। उनके परिसरों से दस संपत्तियों के दस्तावेज और 27 से ज्यादा डील के कागजात सील किए गए हैं। संपत्तियों के कागजात जांच के लिए आयकर विभाग की बेनामी विंग में भेजे गए हैं।