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कोरथा गांव पहुंचे मत्स्य मंत्री संजय निषाद:कहा- लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर होगी कार्रवाई; मछुआ कोष में पढ़ेंगे बच्चे

घाटमपुर (कानपुर)4 महीने पहले
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कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के कोरथा गांव में शनिवार रात ट्रैक्टर ट्रॉली के तालाब में पलटने से 26 लोगों की मौत हो गई। रविवार को एक गांव में सभी लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। गांव में अभी तक मातम पसरा है। सोमवार को मत्स्य मंत्री व निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद कोरथा गांव पहुंचे।

उनके गांव पहुंचने पर लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने वापस जाओ के नारा लगाना शुरू किया। मंत्री ने मामले में कार्रवाई और संभव मदद का आश्वासन दिया। परिजनों को ढांढस बंधाया, तब जाकर ग्रामीणों ने मंत्री को गांव के अंदर आने की अनुमति दी।

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ग्रामीण बोले-वापस जाओ आश्वासन नहीं चाहिए
सोमवार को मत्स्य मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद जैसे ही कोरथा गांव पहुंचे। उन्हें ग्रामीणों के गुस्सा का सामना करना पड़ा। ग्रामीण बोले कि आश्वासन नहीं चाहिए, वापस जाओ। बीते 24 घंटे से प्रशासन की ओर से राहत में एक बिस्कुट व भोजन का इंतजाम नहीं कराया गया। जिसके चलते लोगों में रोष व्याप्त है। मंत्री के कार्रवाई कराने के आश्वासन पर ग्रामीण माने।

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पहले तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। फिर आश्वासन के बाद ग्रामीण माने।
पहले तो ग्रामीणों ने उनका विरोध किया। फिर आश्वासन के बाद ग्रामीण माने।

मत्स्य मंत्री ने मृतक के परिजनों से की मुलाकात
कल देर शाम गमगीम माहौल में ड्योढ़ी घाट पर एक साथ गांव के 26 लोगों का अंतिम संस्कार हुआ। इस हादसे में किसी ने अपना इकलौता बेटा खोया तो किसी ने परिवार का सहारा। मत्स्य मंत्री ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।

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​​​​​​​कार्रवाई से असंतुष्ट ग्रामीण- बोले डॉक्टरों को बचा रहा प्रशासन
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गांव निवासी अमित, अनुज, संजय, वीरेंद्र आदि ग्रामीणों ने मत्स्य मंत्री से बताया कि जब वह लोग ट्रैक्टर ट्रॉली में दबे थे। आस पास के लोगों ने मिलकर लोगों को निकाला। फिर भीतरगांव सीएचसी लेकर गए। गांव निवासी राजेश ने मत्स्य मंत्री से बताया कि हादसे में उसकी बहन सोनिया घायल हो गई थी, जिसे हैलट अस्पताल से बिना इलाज किए डिस्चार्ज कर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को फोन कर फटकार लगाई। ​​​​​​​पूर्व प्रधान शिवशंकर सिंह ने कहा कि अगर समय से लोगों को उपचार मिलता तो लोगों की जान बच सकती थी। लेकिन यह प्रशासन की लापरवाही है।

जानकारी देते शिवशंकर पूर्व प्रधान।
जानकारी देते शिवशंकर पूर्व प्रधान।

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बच्चों को मच्छुवा राहत कोष से पढ़ाएंगे मंत्री
​​​​​​​मत्स्य मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मृतक परिजनों के बच्चों को मछुआ कोष से पढ़ाने के लिए कहा है। साथ ही लेखपाल और कानूनगो पर कार्रवाई करने के लिए कानपुर कमिश्नर से फोन पर बात की है। मृतकों के परिजनों की हर संभव मदद की जाएगी। शासन से इस बाबत बात की गई है।

कहा- सपा, बसपा कर रहे राजनीति
मंत्री ने कहा कि लाशों पर सपा, बसपा राजनीति कर रही है। हमें गांव में घुसते ही विरोध करने वाले बसपा और सपा के समर्थक हैं। सरकार मृतक के परिवारों को हर संभव मदद दिलाने के साथ इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़ी है। बात लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की है तो उन पर कार्रवाई के लिए उच्चअधिकारियों से बात करेंगे। घटना में लापरवाही बरतने वाले किसी भी कर्मचारी को बक्शा नहीं जाएगा। लाशों पर राजनीति करना अच्छी बात नहीं है।

ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 26 जिंदगियां समा गईं।
ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 26 जिंदगियां समा गईं।

मुंडन कराने गया था परिवार
कानपुर जिले की घाटमपुर तहसील में गांव है कोरथा। यहां रहने वाले राजू निषाद के बेटे का मुंडन था। उनको उन्नाव के चंद्रिका देवी मंदिर में मुंडन कराना था। वह गांव के करीब 50 लोगों के साथ ट्रैक्टर ट्राली से सुबह मंदिर के लिए आए। यहां मुंडन हुआ। इसके बाद लौट रहे थे। तभी साढ़ तहसील के पास शनिवार रात 50 श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्राली तालाब में गिर गई। हादसे में 26 लोगों की मौत हो गई। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। ट्रैक्टर ट्राली में बैठे पुरुष और युवक तो तालाब से निकल आए। लेकिन, महिला और बच्चियां डूब गईं। हादसे में जिन 26 की मौत हुई है, उसमें 13 महिलाएं और 13 पुरुष हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...

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