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कन्नौज के रसूलाबाद में टिकट को लेकर घमासान:दर्जन भर से अधिक उम्मीदवार ठोंक रहें दावा, वर्चस्व दिखाने में जुटे दावेदार

रसूलाबाद8 महीने पहले
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यूपी में विधानसभा चुनाव का ऐलान होते ही कन्नौज का रसूलाबाद विधानसभा काफी चर्चे में है। जहां समाजवादी पार्टी से 3 दावेदार तो वहीं भारतीय जनता पार्टी से करीब एक दर्जन दावेदार टिकट का दावा कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी से लोकप्रिय चेहरे के रूप में पूर्व विधायक कमलेश चंद दिवाकर लगातार विधानसभा क्षेत्र में अपनी ताकत का एहसास करा रहे हैं।

गौरतलब हो कि रसूलाबाद क्षेत्र जब बिल्हौर में जुड़ा था तब बिल्हौर विधानसभा क्षेत्र से बसपा से 2007 में कमलेश चंद्र दिवाकर विधायक हुए थे। इसके बाद वे बिल्हौर से लड़े सफलता नहीं मिली लेकिन 2015 में उन्होंने विपरीत धारा में ककवन ब्लॉक से अपनी पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनवाया था।

कमलेश दिवाकर के राजनीतिक कैरियर की शुरुआत क्षेत्र पंचायत सदस्य से शुरू हुई थी। मूलरूप से बांगरमऊ उन्नाव निवासी दिवाकर लगातार लोगों से अपना संवाद बनाये रहे। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य ब्लाक प्रमुख और फिर विधायक बने। 2017 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर ली। इन दिनों जनपद की लोकप्रिय रसूलाबाद विधानसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी से वे दावा कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पिछले पंचायत चुनाव में उन्होंने ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी को कड़ी टक्कर दिलाई थी। समाजवादी पार्टी की ओर से जिला सचिव जयनरायण शुक्ला बबलू की पुत्रवधू मैदान में थी।

पिछले पंचायत चुनाव में ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में क्षेत्र की जनता ने सपा की ताकत को पहचान लिया था। साथ ही चुनाव में पूर्व विधायक कमलेश चंद्र दिवाकर की सक्रियता और ताकत को भी लोगों ने करीब से देखा। वहीं इस विधानसभा क्षेत्र में लगातार अपनी मजबूत पैठ बनाने वाले पूर्व विधायक कमलेश चंद्र दिवाकर टिकट का मजबूत दावा कर रहे हैं। दिवाकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं।