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भाइयों ने राखी नहीं बंधवाई तो फूट-फूटकर रोने लगी बहन:जेल में बंद भाई बोला-14 महीने से मिलने नहीं आई; अकेली बहन के 3 भाई हैं कैदी

झांसी4 महीने पहले
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रक्षाबंधन पर हर भाई चाहता है कि वह अपनी कलाई पर बहन से राखी बंधवाए। मगर, झांसी जेल में इसका उल्टा हो गया। बहन राखी लेकर जेल के बाहर खड़ी थी और 2 भाइयों ने बंधवाने से मना कर दिया। बहन जेल के बाहर करीब 3 घंटे तक रोती रही।

जब वरिष्ठ जेल अधीक्षक रंग बहादुर पटेल को इसका पता चला, तो दोनों भाइयों को बुलाया गया। दोनों बोले, "मर्डर केस में 14 महीने से जेल में बंद हैं। इस बीच एक भी बार बहन उनसे मिलने के लिए नहीं आई। इसलिए उससे नहीं मिलना चाहते।"

समझाने के बाद दोनों मान गए। जब दोनों बहन से मिले, तो रोने लगे। फिर बहन ने उनकी कलाई पर राखी बांधी।

झांसी जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की लगी लंबी लाइन।
झांसी जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनों की लगी लंबी लाइन।

मऊरानीपुर में हुई हत्या के आरोप में हैं बंद
मऊरानीपुर थाना क्षेत्र में एक हत्या हुई थी। इस मामले में मनीष सेठिया, कल्लू सेठिया और उसका भाई मनोज सेठिया समेत अन्य आरोपी झांसी जेल में बंद हैं। गुरुवार को रक्षाबंधन पर उनकी बहन संध्या गुप्ता खजुराहो से राखी बांधने पहुंची। मगर, उसके भाई कल्लू और मनोज ने राखी बंधवाने से मना कर दिया।

हालांकि, समझाने के बाद दोनों तैयार हो गए। बहन के कहा, "घर की कुछ मजबूरियां हैं, इसलिए वह भाइयों से मिलने नहीं आ पाई। पति का एक्सीडेंट होने के बावजूद वह भाइयों से मिलने आई। पहले भाई मिल नहीं रहे थे, मगर बाद में राखी बंधवाई तो अच्छा लगा। साथ में मनीष की पत्नी सरिला सेठिया भी थी।"

300 से ज्यादा बहनें मिलने पहुंची
झांसी जिला कारागार में सुबह से ही बहनों की भीड़ लग गई। सुबह 7 बजे से टोकन बंटने शुरू हो गए थे। दोपहर 3 बजे तक 300 से ज्यादा बहनों ने जेल के अंदर जाकर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। राखी बांधने के लिए जिला कारागार के बाहर लंबी लाइन लगी थी। राखी बांधने समय कई बहनों की आंखें भर आईं।