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झांसी में DM के नाम पर उप नियंत्रक से ठगी:​​​​​​​वाट्सएप पर नाम और फोटो लगी देख झांसे में फंसे, 70 हजार रुपए भेजे

झांसी4 महीने पहले
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सांकेतिक फोटो। - Money Bhaskar
सांकेतिक फोटो।

झांसी में साइबर ठगों ने अब अफसरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को डीएम के नाम पर नागरिक सुरक्षा के उप नियंत्रक से 70 हजार रुपए की ठगी हो गई। ठगों ने अपनी वाट्सएप पर डीएम की फोटो और नाम लिख रखा था। यह देख उप नियंत्रण उनके झांसे में फंस गए। ठगों को 70 हजार रुपए दे दिए। अब पीड़ित ने SP को तहरीर दी है। नबावाद पुलिस ने केस करके मामले की जांच शुरू कर दी है।

डीएम समझकर ठगों से की चेटिंग

इससे पहले जनवरी में साइबर ठगों ने डीएम के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना ली थी। इसके बारे में खुद डीएम रविंद्र कुमार ने जानकारी दी थी।
इससे पहले जनवरी में साइबर ठगों ने डीएम के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना ली थी। इसके बारे में खुद डीएम रविंद्र कुमार ने जानकारी दी थी।

नागरिक सुरक्षा उप नियंत्रक मुनेश कुमार गुप्ता के अनुसार, एक अगस्त की शाम को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से वाट्सएप मैसेज आया। नंबर की डीपी पर डीएम का फोटो लगा था। उनका नाम भी लिखा था। उप नियंत्रक गुप्ता ने ठग को डीएम समझते हुए चेटिंग की। ठग के कहने पर उप नियंत्रक ने शॉपिंग साइट अमेजन से ई-कार्ड खरीदकर दे दिए।

डीएम के पास गया तो खुला भेद

पीड़ित दो अगस्त की दोपहर को डीएम से मिलने गया तो पता चला कि उसके साथ धोखा हुआ है। ठगों ने डीएम बनकर ठगी की है। नबावाद थाना प्रभारी सुधाकर पांडेय का कहना है कि पीड़ित की शिकायत पर बुधवार रात को अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

पुलिस जांच में सामने आया कि ठगों ने 70 हजार रुपए के ई-कार्ड लेकर ओएलएक्स से शॉपिंग की है। सर्विलांश टीम की मदद से ठगों को ट्रेस करने की कोशिश कर रहे हैं। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

बनाई थी फर्जी फेसबुक आईडी

झांसी डीएम के नाम पर ठगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले जनवरी में साइबर ठगों ने झांसी डीएम रविंद्र कुमार के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बना ली थी। बताया जाता है कि तब भी कुछ लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट और मैसेज भेजे गए थे।

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