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झांसी मेडिकल कॉलेज में मौत के रिकॉर्ड से खिलवाड़:3 दिन इलाज के बाद किशोर ने दम तोड़ा, कागजों में लिखा- बच्चे को मरा लाए थे परिजन

झांसी2 महीने पहले
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ये वही कागजात है, जिस पर गुरुवार को रोहित को मेडिकल कॉलेज में लाना बताया गया। विरोध के बाद डॉक्टर ने ओवरराइटिंग कर गलती सुधारी। - Money Bhaskar
ये वही कागजात है, जिस पर गुरुवार को रोहित को मेडिकल कॉलेज में लाना बताया गया। विरोध के बाद डॉक्टर ने ओवरराइटिंग कर गलती सुधारी।

झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में हो रही मौतों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी की जा रही है। सांप के डसने पर एक किशोर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। 3 दिन इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया।

जब डॉक्टरों ने किशोर के परिजनों को कागजात दिए तो लिखा कि आप बच्चे को मरा हुआ (ब्रॉडडेड) लाए थे। इसकी जानकारी होते ही परिजनों ने हंगामा कर दिया। तब जाकर डॉक्टरों ने ओवरराइटिंग कर रिकॉर्ड दुरुस्त किए। मामले ने तूल पकड़ा तो प्राचार्य ने जांच बैठा दी।

9वीं में पढ़ता था किशोर, ठीक से इलाज नहीं हुआ

रोहित 9वीं कक्षा में पढ़ता था। दो भाई और दो बहनों में वह तीसरे नंबर का था।
रोहित 9वीं कक्षा में पढ़ता था। दो भाई और दो बहनों में वह तीसरे नंबर का था।

मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा के मोहन यादव के 16 साल का बेटे रोहित 9वीं में पढ़ता था। एक अगस्त की सुबह 4 बजे वह बाथरूम करने गया। वहां बैठे सांप ने रोहित को डस लिया। परिजन तुरंत उसे झांसी मेडिकल कॉलेज लाए और भर्ती करा दिया। गुरुवार को उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्चे को जब लाए तो बोल रहा था कि उसका इलाज ठीक से नहीं हुआ।

पोस्टमॉर्टम कराने पर खुली लापरवाही की पोल
चाचा रामराजा यादव ने बताया, “डॉक्टरों ने रोहित का शव ले जाने के लिए कहा, लेकिन हम पोस्टमॉर्टम कराना चाहते थे। जब कागजात लेकर पोस्टमॉर्टम कराने पहुंचे तो पता चला कि डॉक्टरों ने रिकॉर्ड में गड़बड़ी की है। कागजात में लिखा कि पेसेंट को गुरुवार को लाए थे और वो मरा हुआ था। जबकि एक अगस्त को भर्ती कराने के बाद उसका इमरजेंसी में 3 दिन तक इलाज चला। दोबारा डॉक्टरों के पास गए तो वे हड़काने लगे। बाद में कागजात पर कटिंग करते हुए अपनी गलती सुधार ली।”

जाे भी दोषी होगा कार्रवाई करेंगे: प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर का कहना है कि सर्पदंश के बाद किशोर का 3 दिनों तक इलाज चला है। दस्तावेजों में गलती से ब्रॉडडेड लिख गया है। मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिसने भी गलती की होगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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