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यूपी बोर्ड में छा गए गांव के बच्चे:झांसी जिला मेरिट लिस्ट में 39 में से 28 स्टूडेंट ग्रामीण क्षेत्र के, जिला टॉपर भी गांव के

झांसी5 महीने पहले
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झांसी में छात्रों की अपेक्षा छात्राएं ज्यादा पास हुई। पास होने पर खुशी जाहिर करती छात्राएं। - Money Bhaskar
झांसी में छात्रों की अपेक्षा छात्राएं ज्यादा पास हुई। पास होने पर खुशी जाहिर करती छात्राएं।

यूपी बोर्ड के परीक्षा परिणाम में ग्रामीण क्षेत्र के स्टूडेंट्स का दबदबा रहा है। शहरी क्षेत्र के बच्चों की अपेक्षा कम सुविधाएं मिलने के बावजूद गांव के बच्चों ने इस बार जिला मेरिट में परचम फहराया है। झांसी की 10वीं और 12वीं की जिला मेरिट लिस्ट में इस बार 39 स्टूडेंट्स ने बाजी मारी।

इसमें से 28 ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ रहे थे। 10वीं और 12वीं के जिला टॉपर भी गांव के बच्चे हैं। देखा जाए तो इस बार के रिजल्ट में ग्रामीण क्षेत्र के स्टूडेंट शहर के होनहारों पर भारी पड़े हैं। 10वीं में जिला मेरिट लिस्ट में 25 स्टूडेंट्स ने बाजी मारी। इसमें से 17 ग्रामीण क्षेत्र के हैं।

टॉपर हरिदित्य राजपूत शहर के ज्ञानस्थली स्कूल पब्लिक स्कूल में पढ़ता है, लेकिन वो भी गांव का रहने वाला है और शहर में किराए पर रहता है। इसी प्रकार 12वीं के जिला मेरिट लिस्ट में 14 स्टूडेंट्स ने बाजी मारी। इसमें से टॉपर दीक्षा भदौरिया समेत 11 स्टूडेंट गांव-कस्बे के रहने वाले हैं। इसमें से टॉपर समेत 6 बच्चे गुरसराएं के एमबीएसएसके इंटर कॉलेज के हैं।

स्कूल में मोबाइल पर परीक्षा का रिजल्ट देखते बच्चे।
स्कूल में मोबाइल पर परीक्षा का रिजल्ट देखते बच्चे।

10वीं के रिजल्ट में प्रदेश में सबसे फिसड्‌डी रहा झांसी

इस बार यूपी बोर्ड में झांसी कुछ खास नहीं कर पाया। उल्टा 10वीं के रिजल्ट में प्रदेश में सबसे फिसड्‌डी रहने का दाग जरूर लग गया। रिजल्ट 79.76 प्रतिशत रहा, जोकि प्रदेश में सबसे कम होने के कारण झांसी 75वें नंबर पर रहा। इसी प्रकार 12वीं का रिजल्ट 84.40 रहा। प्रदेश में सबसे फिसड्‌डी रहने के सवाल पर शिक्षा विभाग के अफसरों को जबाव देते नहीं बन रहा है।

बेटियों की वजह से सुधरा है रिजल्ट

झांसी में 10वीं कक्षा में 17669 स्टूडेंट्स थे। 6691 छात्र और 6568 छात्राओं कुल 13259 पास हुए। इसमें 74.08 प्रतिशत छात्र और 86.52 छात्राओं ने परीक्षा उत्तीर्ण की। वहीं, 12वीं कक्षा में 14721 स्टूडेंट्‌स थे। 6008 छात्र और 5852 छात्राएं कुल 11860 स्टूडेंट्स पास हुए। इसमें 80.83 प्रतिशत छात्र और 88.41 प्रतिशत छात्राएं पास हुईं। कहा जाए तो इस बार बेटियों ने रिजल्ट में झांसी की लाज बचाई है। बेटियों की वजह से रिजल्ट ज्यादा खराब नहीं हुआ।