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कालाबाजारी में सड़ गए 200 किलो नींबू:जालौन में 150 रुपए में खरीदकर 500 में बेचने के लिए रखे थे…दाम घटकर 50 हो गए,फेंक गया व्यापारी

जालौनएक महीने पहले
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जालौन में कालाबाजारी के लिए जमा किए गए नींबू सड़क पर फेंक दिए गए। एक व्यापारी ने ने कुछ दिन पहले ये नींबू 150 रुपए में खरीदे थे और इस उम्मीद में था कि दाम 500 रुपए तक पहुंच जाएंगे। लेकिन पिछले चार से पांच दिनों में नींबू के दामों में लगातार गिरावट आती गई। पहले 150, 130 फिर 100 और अब नींबू के दाम 50 रुपए में पहुंच गए। ऐसे में उस व्यापारी के नींबू रखे-रखे ही सड़ गए। व्यापारी उन नींबू को सड़क पर फेंक गया। स्थानीय लोगों ने उनमें से चुनकर कई नींबू इकट्‌ठा कर लिए।

नींबू फेंककर बिना बताए चला गया व्यापारी

स्थानीय मंडी में सुबह-सुबह एक व्यापारी गाड़ी भरकर नींबू लाया था। गाड़ी का ट्राला खेलकर सारे नींबू सड़क पर गिरा दिए। नींबू की मात्रा करीब 200 किलो थी। मंडी में कुछ बच्चे और महिलाएं वो नींबू अपने-अपने थैले में भरने लगे। मंडी के एक व्यापारी सुरेश ने बताया कि यह नींबू उक्त व्यापारी ने चार पांच रोज पहले 150 रुपए प्रति किलो के भाव से खरीदे थे। लेकिन मंडी में नींबू के दाम गिरते चले गए। धीरे-धीरे उसके नींबू सड़ गए। इसी कारण वह फेंककर चला गया। हालांकि सुरेश ने उसके नाम का खुलासा नहीं किया। उनका कहना था कि कारोबार में ऐसा होता रहता है।

आस-पास की महिलाएं और बच्चे नींबू देखकर उनको उठाने के लिए आ गए।
आस-पास की महिलाएं और बच्चे नींबू देखकर उनको उठाने के लिए आ गए।

400 रुपए किलो बिका है नींबू

देश में नींबू के दाम 300 से 400 रुपए प्रति क्विंटल रह चुके हैं। व्यापारियों ने मुनाफे के चक्कर में नींबू का स्टॉक कर लिया था, लेकिन दाम गिरने के बाद उनका नुकसान हो गया। अब उनका खरीद का पैसा भी नहीं निकल पा रहा है। यही वजह है कि व्यापारियों ने स्टॉक के नींबू फेंक दिए। नींबू फेंकने का कारण यह भी बताया जा रहा है कि जब नींबू महंगे थे, तब ग्राहक सस्ते दामों के लिए थोड़े खराब नींबू भी ले लेते थे। अब दाम गिरने पर ऐसे नींबू कोई नहीं लेगा।

महिलाओं ने नींबू के ढेर से पीले नींबू उठा लिए।
महिलाओं ने नींबू के ढेर से पीले नींबू उठा लिए।

45 डिग्री तापमान में ज्यादा दिन नहीं रुक पा रहे नींबू

बता दें, इस बार नींबू का उत्पादन पिछले सालों की अपेक्षा में कम हुआ है। बाजार में नींबू के दाम आसमान छूने लगे थे, लेकिन गर्मी बहुत ज्यादा पड़ रही है। 45 डिग्री तापमान में ज्यादा दिन तक नींबू रुक नहीं पा रहे हैं। एक व्यापारी का कहना था कि हमारे पास इतने फ्रीज तो होते नहीं जो क्विंटल दो क्विंटल नींबू रख सकें। इसलिए अब दो चार दिन में ही नींबू खराब हो जा रहे हैं। पहले जब नींबू 400 रुपए किलो बिक रहा था तो लोग दागी नींबू भी ले लेते थे। अब दाब 50 रुपए किलो हैं इसलिए थोड़ा खराब नींबू भी ग्राहक नहीं लेते। यही नहीं अब नींबू बाहर से भी आने लगा है।