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जालौन में CDO ने ग्राम पंचायत अधिकारियों से की अभद्रता:विरोध में 2 घंटे तक चला धरना, जमकर की गई नारेबाजी

जालौनएक महीने पहले
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जालौन के उरई में गुरुवार को ग्राम पंचायत अधिकारी मुख्य विकास अधिकारी के रवैए से नाराज हो गए। जिसके बाद बैठक छोड़कर उरई के विकास भवन के बाहर धरना देने लगे। जहां मुख्य विकास अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सीडीओ द्वारा अभद्रता किए जाने पर माफी मानने की बात कही। विकास भवन में मामला बढ़ता देख जिलाधिकारी ने तत्काल एडीएम को भेजकर धरने को समाप्त कराया।

अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया गया था
मामला उरई के विकास भवन स्थित रानी लक्ष्मीबाई सभागार का है। बताया गया कि आज मुख्य विकास अधिकारी डॉक्टर अभय कुमार श्रीवास्तव द्वारा सभी नौ विकास खंडों के ग्राम पंचायत अधिकारियों को बैठक के लिए बुलाया था। यह बैठक समन्वय समिति की थी। बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारियों के पदाधिकारियों के साथ अभद्रता की गई। इस अभद्रता से नाराज होकर सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बैठक का बहिष्कार करने लगे। साथ ही मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभय कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विकास भवन में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। साथ ही सीडीओ से माफी मांगने की बात पर अड़े रहे यह धरना प्रदर्शन 2 घंटे तक चलता रहा।

जानकारी जैसे ही जालौन की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को हुई उन्होंने तत्काल अपर जिलाधिकारी पूनम निगम को मामले को सुनने के लिए भेजा।
जानकारी जैसे ही जालौन की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को हुई उन्होंने तत्काल अपर जिलाधिकारी पूनम निगम को मामले को सुनने के लिए भेजा।

भुगतान के बारे में प्रार्थना पत्र दिया था
ग्राम पंचायत अधिकारियों के इस धरना प्रदर्शन की जानकारी जैसे ही जालौन की जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को हुई उन्होंने तत्काल अपर जिलाधिकारी पूनम निगम को मामले को सुनने के लिए भेजा। जहां ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को 12 मई को ग्राम पंचायत में आने वाली भूसे की समस्याओं तथा उससे संबंधित भुगतान के बारे में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसका संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने सीडीओ को आगे बढ़ाते हुए मामले का तत्काल निस्तारण करने के आदेश दिए थे। इसी को लेकर समन्वय समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास भवन में बनी लक्ष्मीबाई सभागार में आयोजित की जा रही थी। बैठक के दौरान सीडीओ द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही भुगतान के संबंध में भला बुरा कहा गया। जिस कारण बैठक का बहिष्कार किया गया।

अपर जिलाधिकारी पूनम निगम ने हस्तक्षेप करते हुए सीडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारियों के बीच समझौता कराया।
अपर जिलाधिकारी पूनम निगम ने हस्तक्षेप करते हुए सीडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारियों के बीच समझौता कराया।

माफी मांगे नहीं चलता रहेगा धरना
सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों ने बताया कि जब तक सीडीओ माफी नहीं मांगेंगे, तब तक वह धरना प्रदर्शन करेंगे, बाद में अपर जिलाधिकारी पूनम निगम ने हस्तक्षेप करते हुए सीडीओ और ग्राम पंचायत अधिकारियों के बीच समझौता कराया। तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ। ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि गांव में भूसे की समस्या तथा उससे भुगतान के संबंध में कई बार मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराया गया। मगर सीडीओ द्वारा भुगतान नहीं कराया गया। इसी समस्या को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। जिससे नाराज होकर सीडीओ द्वारा ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के पदाधिकारियों के साथ अभद्रता की गई। फिलहाल अपर जिलाधिकारी पूनम निगम के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो सका।

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