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जालौन के परिषदीय स्कूल में हुआ करोड़ों का पुस्तक घोटला:डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हुई जांच, शैक्षिक महासंघ ने जताई नाराजगी

जालौनएक महीने पहले
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यूपी सरकार के आदेश पर शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन इन पुस्तकों का वितरण पिछले साल नहीं किया गया, जिसकी शिकायत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी से की गई थी, जिसमें बेसिक शिक्षा अधिकारी पर 293 लाख रुपए का घोटाला करने का आरोप लगाया था।

इस मामले का संज्ञान लेते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था, जिस पर डीएम ने 6 अप्रैल को ज्वाईंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में 2 सदस्यीय कमेटी बनाई थी और निर्देश दिया था कि 1 सप्ताह के भीतर स्पष्ट रिपोर्ट दें, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई भी जांच पूरी नहीं हुई है, जिससे राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारी नाराज हैं, और मामले में लीपा पोती करने का आरोप लगा रहे है।

बता दें कि जालौन के परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को पढ़ने के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराई जाने वाली पाठ्य-पुस्तकों में हुए घोटाले का प्रकरण डेढ़ माह बाद भी अधर में लटका है, जिलाधिकारी द्वारा 6 अप्रैल को 2 सदस्यीय टीम जांच के लिए बनाई थी, जिसमें अंकुर कौशिक जॉइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम कालपी व कुँवर वीरेंद्र सिंह नगर मजिस्ट्रेट उरई को जांच अधिकारी बनाया था और जांच समिति को निर्देशित किया गया था कि एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दी जाए। मगर अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है। जिसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ में नाराजगी है।

जालौन के परिषदीय स्कूल में हुआ करोड़ों रुपए का पुस्तक घोटला।
जालौन के परिषदीय स्कूल में हुआ करोड़ों रुपए का पुस्तक घोटला।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जांच में अनावश्यक विलंब होने के कारण बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रेमचंद्र यादव व सभी विकासखंड के खण्ड शिक्षा अधिकारी शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाकर पुस्तक वितरण के अभिलेखों में छेड़छाड़ कराकर अपने मन मुताबिक रिकार्ड बनवाकर पुस्तक वितरण में अनियमितता को छुपा रहे हैं। अधिकारी शिक्षकों को सामूहिक रूप से बैठकों के बहाने बीआरसी पर बुलाकर या अपने आवास पर बुलाकर खंड शिक्षा अधिकारी पुस्तक वितरण के रिकार्ड को अपने हिसाब से परिवर्तित कराकर अभिलेखों से छेड़खानी करवा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों द्वारा शिक्षकों पर दवाब बनाया जा रहा कि पुस्तकों के शत प्रतिशत वितरण की झूठी रिपोर्ट नहीं देंगे उनके विरुद्ध बीएसए बाद में कठोर कार्रवाई करेंगे।

इसीलिए पुस्तक वितरण रजिस्टर को फाड़कर नया रजिस्टर बनाकर शत प्रतिशत किताबें प्राप्त होने व बांटने का अंकन करवाया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी, डीसी , बीएसए, एडी बेसिक सहित सभी विभागीय अधिकारी व कुछ अधिकारियों के करीबी शिक्षक नेता भी इस कार्य में पुरजोर सहयोग कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि इसकी जांच जल्द से जल्द कराई जाए। वहीं इस मामले में जांच कर रहे कालपी एसडीएम ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अंकुर कौशिक ने बताया कि अभी सभी जगह के दस्तावेज शिक्षकों द्वारा उनके पास पहुंचे नहीं है इसी कारण जांच में विलंब हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे ही सभी विकास खंडों के दस्तावेज शिक्षकों द्वारा उपलब्ध करा दिए जाएंगे वैसे ही जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को उपलब्ध करा दी जाएगी

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