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जालौन में रिकवरी के डर से सरेंडर कर रहे कार्ड:अब तक 1923 लोगों ने जमा किया, जांच के बाद अपात्रों से​​​​​​​ होगी वसूली

जालौनएक महीने पहले
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जालौन की पांचों तहसीलों में बने पूर्ति विभाग कार्यालय में राशन कार्ड सरेंडर करने वालों का तांता लग रहा है। अपात्र राशन कार्ड धारक अपना-अपना राशन कार्ड जमा करने के लिए पूर्ति विभाग पहुंच रहे हैं। जनपद में अब तक 1923 अपात्र कार्ड धारक अपना राशन कार्ड जमा कर चुके हैं।

अपात्रों से होगी वसूली

बता दें कि, सरकार द्वारा कोरोना काल से गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। ऐसे में अपात्र लोगों ने भी अपना फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवा लिया था। सरकार द्वारा दिए जाने वाले राशन का लाभ उठा रहे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने आदेश जारी करते हुए कहा था कि, जो व्यक्ति अपात्र हैं और उन्होंने फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवाकर मुफ्त में गेहूं चावल ले रहे हैं, ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनसे गेहूं 24 रुपए प्रति किलो और चावल 32 रुपए किलो प्रति दर के हिसाब से वसूल करें।

इसके बाद फर्जी तरीके से राशन कार्ड बनवाने वालों में व्यापक प्रभाव पड़ा है। अपात्र हो चुके कार्डधारक वसूली के भय से बड़ी संख्या में सम्बन्धित तहसील के पूर्ति कार्यालय एवं जिला पूर्ति कार्यालय, उरई में अपने राशनकार्ड सरेंडर करने पहुंच रहे हैं।

जिलाधिकारी प्रियंका ने बताया कि, अब तक जनपद में 1923 राशनकार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। कार्ड धारक अपने कार्ड जमा कराने पहुंच रहे हैं। कहा कि, मृतक एवं विस्थापित कार्डधारक, परिवारीजन राशन कार्ड, यूनिटों को समर्पित या निरस्त एक सप्ताह के भीतर करा लें, अन्यथा की स्थिति में जांच में अपात्र पाए जाने की दशा में सम्बन्धित कार्ड धारक, परिवार से 24 रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं एवं 32 रुपए प्रति किलो की दर से चावल की वसूली की जाएगी।

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