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बुंदेली चित्र कार्यशाला का शुभारंभ:डीएम बोली- कला को विकसित करने के लिए लोगों को आना चाहिए आगे, नई पीढ़ी को दें जानकारी

जालौन2 महीने पहले
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जालौन में आजादी के अमृत महोत्सव के तहत उरई के टाउन हॉल ट्रस्ट लाइब्रेरी में गुरुवार को बुंदेली चित्र लोक चित्रकला कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी चांदनी सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान उनके द्वारा लाइब्रेरी का निरीक्षण एवं पुस्तकालय हाल में स्थापित बाल ऑफ ऑनर का अवलोकन किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बुंदेली लोक कलाओं को संरक्षित करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। जिससे यहां की कला का विकास हो सके।

बुंदेलखंड की लोक कला संस्कृति को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे यहां की प्रतिभाओं को निखारा जा सके। इसी के तहत उरई के टाउन हाल में बुंदेली लोक कला चित्रकारी कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने फीता काटकर किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने बुंदेली चितेरी लोक चित्रकला कार्यशाला का आयोजन करने वाले प्रभु आइए ट्रस्ट के सदस्य एवं नगर के ख्याति प्राप्त चित्रकार रोहित विनायक द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया। जो बुंदेलखंड के लोक कलाकारों द्वारा बनाई गई थी।

चित्रकला कार्यशाला का डीएम ने घूमकर आनंद लिया।
चित्रकला कार्यशाला का डीएम ने घूमकर आनंद लिया।

कलाकारों में अलग ही उत्साह
इसका अवलोकन करने के बाद जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान युग डिजिटल हो चुका है। फेसबुक टि्वटर इंस्टाग्राम और यूट्यूब के माध्यम से कलाकार और बच्चे अपनी कला का प्रदर्शन स्वयं करके प्रसिद्धि पा रहे हैं। जनपद का नाम रोशन भी कर रहे हैं। लेकिन इस तरह की कार्यशाला के आयोजन से कलाकारों में अलग ही उत्साह देखने को मिलता है।

डीएम ने लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
डीएम ने लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

बुंदेलखंड में कई लोक कला संस्कृतिया
इसीलिए उन्होंने इस कार्यशाला का आयोजन करने वाले रोहित विनायक के प्रयास की सराहना की है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन होने चाहिए। जिससे नई पीढ़ी को यह भी जानकारी हो सके कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन सी लोक कला संस्कृतिया हैं। इस कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ कोषाधिकारी आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि बुंदेलखंड में कई लोक कला संस्कृतिया है जो अदृश्य हो रही है। लेकिन इस प्रदर्शनी के माध्यम से उनको फिर से मुख्यधारा में लाया जा रहा है।

जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने फिता काटकर शुभारंभ किया।
जिलाधिकारी चांदनी सिंह ने फिता काटकर शुभारंभ किया।

संस्कृतियों को बचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम
इस प्रदर्शनी में मौजूद जिला विद्यालय निरीक्षक भगवत पटेल द्वारा लोक चित्रकला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुंदेलखंड की संस्कृतियों को बचाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि 5 दिवसीय कार्यशाला में लगभग 50 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि व्यक्तित्व के विकास एवं निर्माण में लोक चित्रकला की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसीलिए चित्रकार की मस्तिक में विचार जन्म लेते हैं। तत्पश्चात वह इस कल्पना को रंग और ब्रुश के माध्यम से एक कागज पर उकेरता है।

चित्रकला के माध्यम से डीएम को एक छाया चित्र भेट किया गया।
चित्रकला के माध्यम से डीएम को एक छाया चित्र भेट किया गया।

अभिरुचियों का गुण जन्म से होता है ​​​​​​​
​​​​​​​इसके अलावा कुछ बच्चों में इस प्रकार की अभिरुचियों का गुण जन्म से होता है। कुछ अपनी लगन और मेहनत के द्वारा उसे प्राप्त कर लेते हैं। इसीलिए लोक कला संस्कृति पर लोगों को अपना महत्व देना जरूरी है। इस बुंदेली लोक कला प्रदर्शनी के दौरान अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अंगद यादव, नगर पालिका अध्यक्ष अनिल बहुगुणा, डॉक्टर रेनू चंद्रा, सामाजिक कार्यकर्ता अलीम तथा कलेक्ट्रेट के वरिष्ठ सहायक सुनील कुमार सहित प्रतिभागी छात्र छात्राएं भी मौजूद रहे।

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