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स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ शारीरिक नहीं मानसिक भी:हाथरस में किशोरियों और गर्भवतियों को कुपोषण दूर करने के दिए टिप्स

हाथरस2 महीने पहले
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हाथरस में पोषण माह के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। - Money Bhaskar
हाथरस में पोषण माह के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

हाथरस में पोषण माह के तहत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा जनपद में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके तहत बुधवार को सासनी ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्र दयानतपुर पर नुक्क्ड़ नाटक, अन्नप्राशन कार्यक्रम और स्वस्थ्य बच्चों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान किशोरियों व गर्भवतियों के साथ अन्य महिलाओं को भी जागरूक कर बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए विशेष टिप्स भी दिए। कार्यक्रम में बाल विकास परियोजना अधिकारी सासनी धीरेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाए जाने के लिए निर्देशानुसार शुक्रवार को दयानतपुर केंद्र पर अन्नप्राशन गतिविधि आयोजित हुई।

हाथरस में पोषण माह के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
हाथरस में पोषण माह के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए पोषण जरूरी
उन्होंने बताया कि बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए गर्भवती महिलाओं को अपना ख्याल रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य का मतलब शारीरिक ही नहीं मानसिक स्वास्थ्य भी है। इसलिए बच्चों के सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए पोषण बहुत जरूरी है। डिवीजनल रिसोर्स पर्सन आगरा और अलीगढ़ मंडल पोषण अभियान यूनिसेफ ममता पाल ने कहा कि स्वस्थ बच्चे स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।

शिशु को केवल मां का दूध पिलाएं
शुरू के एक हजार दिन बच्चों के मानसिक, शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिये छह महीने तक शिशु को केवल मां का दूध ही पिलाना चाहिए। न्यूट्रीशन इंटरनेशनल से डिवीजनल कॉर्डिनेटर एनीमिया मुक्त भारत विद्या वर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं में खून की कमी (एनिमिक) होने से बच्चा भी एनिमिक पैदा होता है। आगे चलकर किशोर किशोरी एनिमिक होते हैं और फिर गर्भावस्था में आकर विभिन्न कारणों से यह एनीमिया बना रहता है।

एनीमिया का चक्र तोड़ना जरूरी
एनीमिया का चक्र तोड़ना बेहद आवश्यक है। एनीमिया से बचने के लिए ऐसे आहार का सेवन करें, जिनमें विभिन्न प्रकार के विटामिन और मिनरल्स शामिल हों। आंगबाड़ी कार्यकर्ता रेनू रावत और कृष्णा रावत ने बताया कि बच्चों को स्वस्थ रखना और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। लाभार्थी किशोरी सोनिया ने बताया कि यहां हमने नुक्क्ड़ नाटक किया, जिसके लिए पुरस्कार भी मिला है। अंशु देवी ने आयरन की गोली खाने के लिए बताया था। इसके अलावा उन्होंने हरी साग-सब्जी और आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाले पोषाहार को खाने के लिए बताया है। इस दौरान सहायिका नीलम शर्मा, आशा निर्मला देवी, कंचन, डिम्पल, नेहा, सुनीता आदि मौजूद थे।

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