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हाथरस में ज्ञानवापी मामले को लेकर पुलिस सतर्क:जिला प्रशासन ने खुफिया तंत्र को किया सक्रिय, संवेदनशील स्थलों पर रखी जा रही पैनी नजर

हाथरसएक महीने पहले
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हाथरस में भी वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के मामले को लेकर पुलिस और प्रशासन बेहद सतर्क है। जिला प्रशासन ने इसे लेकर खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है और संवेदनशील स्थलों पर पैनी नजर रखी जा रही है। आज शुक्रवार को होने वाली नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने के लिए सेक्टर वार मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है।

ज्ञानवापी का मामला इस समय सुर्खियों में है। इसे लेकर हाथरस में भी प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है। इसके मद्देनजर आज शुक्रवार 20 मई को होने वाली नमाज को लेकर जिलाधिकारी रमेश रंजन ने क्षेत्र वार व तहसील वार मजिस्ट्रेटों को नामित किया है।

कानून व्यवस्था की निगरानी
जिलाधिकारी ने कानून व्यवस्था की निगरानी के लिए हाथरस तहसील संपूर्ण क्षेत्र के लिए उपजिला मजिस्ट्रेट विपिन शिवहरे, सादाबाद तहसील के लिए एसडीएम शिव सिंह, तहसील सिकंदराराऊ क्षेत्र के लिए एसडीएम अंकुर वर्मा और तहसील सासनी क्षेत्र के लिए एसडीएम राजकुमार यादव को मजिस्ट्रेट नामित किया है। मस्जिद वार भी मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं, जो कि संबंधित तहसील वार नामित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था की निगरानी रखेंगे। और किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था कायम रखेंगे और शांति व्यवस्था के साथ नमाज अदा कराएंगे।

तहसील वार नामित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था की निगरानी रखेंगे।
तहसील वार नामित एसडीएम से समन्वय स्थापित कर कानून व्यवस्था की निगरानी रखेंगे।

मंदिर तोड़कर वहां मस्जिद बनाई गई थी?
ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे किया गया। जिसके बाद सर्वे रिपोर्ट में साफ हो गया है कि मंदिर तोड़कर वहां मस्जिद बनाई गई थी। शिवलिंग की सत्यता 352 साल बाद जनता के सामने आई है, जो लोग फव्वारा कह रहे हैं। वास्तव में कोई फव्वारा नहीं है ये केवल शिवलिंग है, इसकी लंबाई और गहराई और ज्यादा हो सकती है, मंदिर के शिखर के ऊपर तथाकथित मस्जिद का गुंबद लगा हुआ है। फिलहाल इस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है। जांच के बाद ही सब कुछ साफ हो पाएगा।

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