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  • Mother Was Not Told, The Body Can Reach The Village By Evening, ओडिशा में नक्सली हमले में हाथरस के लाल हुए शहीद

ओडिशा में नक्सली हमले में हाथरस के लाल हुए शहीद:मां को नहीं बताया गया, शाम तक गांव पहुंच सकता है पार्थिव शरीर

हाथरस2 महीने पहले
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ओडिशा में मंगलवार को नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 3 जवान शहीद हो गए। शहीद होने वालों में एक जवान हाथरस का भी है। हमले में सात जवान घायल हुए हैं। नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर एक कैंप से दूसरे कैंप में जाते समय हमला किया था। शहीद होने वाले जवान हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव लालगढ़ी के रहने वाले हैं। उनका नाम शिशुपाल सिंह है।

आगरा में रहता है परिवार

शिशुपाल सिंह के छोटे भाई भी सीआरपीएफ में तैनात हैं। पिता की मौत हो चुकी है। मौत की खबर सुनते ही उनके पैतृक गांव लालगढ़ी में शोक की लहर है। पूरे गांव में गमगीन माहौल है। वहीं उनकी 70 साल की मां को इसकी खबर नहीं दी गई है। पत्नी और बेटा आगरा में रहते हैं। वह लोग दिल्ली पहुंच चुके हैं।

पढ़ाई में अच्छे थे शिशुपाल

बुधवार की शाम को उनका पार्थिव शरीर हाथरस लाया जा सकता है। ब्लाक प्रमुख सिकंदराराऊ सुदामा देवी ने उनके बलिदान पर शोक जताया है। बड़े भाई ने बताया कि शिशुपाल सिंह की पढ़ाई सिकंदराराऊ में हुई थी। वह साइकिल से रोजाना सिकंदराराऊ पढ़ने जाते थे। पढ़ाई के समय ही वह होनहार थे। सेना में जाकर उन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया।

1994 में CRPF में भर्ती हुए

गांव के एक युवक ने बताया शिशुपाल सिंह साल 1994 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। वर्तमान में वह एएसआइ के पद पर थे। ओडिशा में उनकी तैनाती थी। मंगलवार को हुए हमले के बाद इसकी सूचना गांव वालों को शाम को मिली।

मंगलवार को किया था हमला

बताते चलें कि नुआपड़ा जिले के बोडेन थाना पाटधरा में सीआरपीएफ का एक नया कैंप बनाया गया है। जिसका नक्सली संगठन विरोध कर रहे थे। कैंप को यहां से हटाने के लिए नक्सलियों ने बैनर-पोस्टर भी लगाए थे। मंगलवार को जब जवान वैषादानी से पाटधरा कैंप जा रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने इन पर हमला बोल दिया।