पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

डॉक्टर नवविवाहितों को परिवार नियोजन के प्रति कर रहे जागरूक:हमीरपुर में बॉस्केट ऑफ च्वॉइस युवाओं को कर रही आकर्षित

हमीरपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

हमीरपुर में प्रसव केंद्रों में नवविवाहितों को परिवार नियोजन के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए बॉस्केट ऑफ च्वॉइस प्रदर्शित की जा रही है। इसमें परिवार नियोजन के लिए अस्थाई साधनों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य नवविवाहित जोड़ों को शादी के दो साल बाद बच्चे की योजना बनाने के लिए प्रेरित करना है। दो साल तक बॉस्केट ऑफ च्वॉइस के जरिए गर्भनिरोधक के अस्थाई साधनों का प्रयोग करें। इस बारे में उचित सलाह के लिए स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक, परिवार नियोजन काउंसलर, आशा कार्यकर्ता और एएनएम की भी मदद ली जा सकती है।

लाभार्थी की स्थिति के अनुसार सही परामर्श दिया जाता है

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (आरसीएच) डॉ पी.के सिंह ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य इकाइयों पर परिवार नियोजन काउंसलर व कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) की मदद से बॉस्केट ऑफ च्वॉइस के बारे में लाभार्थी की स्थिति के अनुसार सही परामर्श दिया जाता है। प्रत्येक माह की 21 तारीख को खुशहाल परिवार दिवस आयोजित किया जाता है।

प्रत्येक गुरुवार को अंतराल दिवस एवं नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस आयोजित किया जाता है। सभी कार्यक्रमों में इस बारे में जानकारी दी जाती है। पुरुष और महिला नसबंदी, आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी, त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन, माला एन, कंडोम, छाया और ईसीपी की गोलियां बॉस्केट ऑफ च्वाइस का हिस्सा हैं।

डॉ. ने बताया कि परिवार नियोजन का साधन हर लाभार्थी अपनी जरूरत और पसंद के हिसाब से अपनाता है। लेकिन, काउंसलर और चिकित्सकों को दिशा-निर्देश है कि वह लाभार्थी के उन पहलुओं की भी जानकारी जुटाए जिनमें कोई साधन विशेष उनके लिए उपयुक्त है या नहीं।

परिवार नियोजन में जिले की स्थिति

वित्तीय वर्ष 2021-22 में पुरुष नसबंदी 25, महिला नसबंदी 2268, आईयूसीडी 11539, पीपीआईयूसीडी 5292, त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन 5371, माला एन 65734 और छाया के 13763 लाभार्थी जिले में परिवार नियोजन सेवा प्राप्त करने के लिए आगे आए हैं।

महिलाएं आसानी से कर लेती हैं चुनाव

जिला महिला अस्पताल की परिवार नियोजन काउंसलर निकिता सिंह ने बताया कि बॉस्केट ऑफ च्वॉइस की वजह से महिलाओं को परिवार नियोजन के अस्थाई साधनों का चुनाव करने में आसानी होने लगी है। उन्हें एक साथ सभी साधनों के विषय में जानकारी मिल जाती है। फिर जो उन्हें पसंद आता है उसका वह चुनाव कर लेती हैं।

खबरें और भी हैं...