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PM मोदी के लिए तैयार हुई 5 लेयर सुरक्षा:किले में तब्दील हुआ गोरखपुर, नेपाल व बिहार की सीमा सील; विपक्ष के नेताओं को दी गई नोटिस- 8000 फोर्स तैनात

गोरखपुरएक महीने पहले
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प्रधानमंत्री की बाह्य सुरक्षा की कमान 2 डीआइजी, 8 एसपी, 20 एडिशनल एसपी, 55 सीओ, 10 कंपनी पैरामिलिट्री सहित 4000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। - Money Bhaskar
प्रधानमंत्री की बाह्य सुरक्षा की कमान 2 डीआइजी, 8 एसपी, 20 एडिशनल एसपी, 55 सीओ, 10 कंपनी पैरामिलिट्री सहित 4000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कल 7 दिसंबर को गोरखपुर आगमन पर सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं। पीएम मोदी 5 स्तरीय सुरक्षा घेरे में गोरखपुर आएंगे। एसपीजी के अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहने वाले प्रधानमंत्री की आंतरिक सुरक्षा की कमान एनएसजी के कमांडो, एटीएस के कमांडो, केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के जिम्मे रहेगी। वहीं, बाह्य सुरक्षा घेरे में पुलिस और पीएसी के जवानों के अलावा स्थानीय अभिसूचना इकाई, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता तैनात रहेगा। इसके साथ ही प्रधनमंत्री के विमान और हेलीकाप्टरों की सुरक्षा की देखरेख में सेना के जवान तैनात रहेंगे।

नेपाल व बिहार सीमा से सटे होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने गोरखपुर में डेला डाल लिया है।
नेपाल व बिहार सीमा से सटे होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने गोरखपुर में डेला डाल लिया है।

किले में तब्दील हुआ गोरखपुर, नेपाल व बिहार सीमा सील
इसके साथ ही नेपाल व ​बिहार सीमा से सटे होने की वजह से सुरक्षा एजेंसियों ने गोरखपुर में डेला डाल लिया है। खुफिया एजेंसियों ने पूरे गोरखपुर जिले को एक किले में तब्दील कर दिया है। ताकि यहां होने वाली हर एक गतिविधि पर सेटेलाइट और अन्य तकनीकों से नजर रखी जा सके। वहीं, सोमवार की शाम से ही नेपाल और बिहार की सीमा बंद कर दी जाएगी। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम संपन्न होने तक सीमा पार से आवागमन पूरी तरह से बंद रहेगा।

आवाजाही के रूट पर तैनात रहेगी रूफ टॉप फोर्स
प्रधानमंत्री की बाह्य सुरक्षा की कमान 2 डीआइजी, 8 एसपी, 20 एडिशनल एसपी, 55 सीओ, 10 कंपनी पैरामिलिट्री सहित 4000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। इसके अलावा सभी कार्यक्रम स्थल पर अग्निशमन विभाग की एक टुकड़ी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता तैनात रहेगा। वहीं, प्रधानमंत्री जिस रूट से आएंगे और जाएंगे, उस पर रूफ टॉप फोर्स तैनात की जाएगी। प्रधानमंत्री के सभी कार्यक्रम स्थल सीसीटीवी कैमरे से लैस रहेंगे। कार्यक्रम स्थलों के इर्दगिर्द निगरानी के लिए वॉच टॉवर भी बनाए जाएंगे।

कार्यक्रम स्थल के आसपास के इलाकों में सावर्जनिक स्थान पर शादी- विवाह में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी रहेगी।
कार्यक्रम स्थल के आसपास के इलाकों में सावर्जनिक स्थान पर शादी- विवाह में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी रहेगी।

ड्रोन पर होगी पाबंदी
वहीं, कार्यक्रम स्थल के आसपास के इलाकों में सावर्जनिक स्थान पर शादी- विवाह में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर भी पाबंदी रहेगी। इस दौरान अगर किसी को ड्रोन से फोटोग्राफी व वीडियो कराना भी होगा तो इसके लिए उन्हें बकायदा रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सुरक्षा की कमान संभालने खुद एडीजी सुरक्षा विनोद कुमार सिंह गोरखपुर पहुंचे हैं। एडीजी सुरक्षा ने यहां कार्यक्रम स्थल का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों संग बैठक कर सुरक्षा का खाका तैयार किया है।

ट्रेन रहेगी बंद, नो फ्लाइंग जोन होगा शहर
इतना ही नहीं, पीएम मोदी के आगमन के दौरान गोरखपुर- नौतनवा रेल रूट पर ट्रेनों का आवागमन भी पूरी तरह से बंद रहेगा। जबकि जबतक पीएम मोदी गोरखपुर में मौजूद रहेंगे, आसपास का इलाका नो फ्लाइंग जोन हो जाएगा। यानी कि इस दौरान कोई भी हवाई जहाज उड़ नहीं सकेंगे।

अब-तक कांग्रेस, सपा व अन्य दलों के 12 विपक्षी नेताओं के घरों पर धारा 149 का नोटिस चस्पा किया जा चुका है।
अब-तक कांग्रेस, सपा व अन्य दलों के 12 विपक्षी नेताओं के घरों पर धारा 149 का नोटिस चस्पा किया जा चुका है।

विपक्षी नेताओं पर शुरू हुआ शिकंजा
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने भी अराजकतत्वों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अबतक कांग्रेस, सपा व अन्य दलों के 12 विपक्षी नेताओं के घरों पर धारा 149 का नोटिस चस्पा किया जा चुका है। पुलिस जिन नेताओं के घर नोटिस लेकर गई, उनमें शाहपुर में रहने वाले यूथ कांग्रेस के महासचिव अनिल दूबे, कैंट इलाके में रहने वाले छात्रनेता मनीष ओझा, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिजीत पाठक सहित 12 लोग शामिल हैं। पुलिस ने उन्हें सावधान किया है ताकि वे कानून व्यवस्था को बिगाड़कर अशांति न फैला सके।

LIU की रिपोर्ट पर हुई है कार्रवाई
इस दौरान किसी न किसी घटना या मुद्दे को लेकर विरोधी दल के लोग सड़क पर आ सकते है। एलआईयू ने इसे लेकर गोपनीय रिपोर्ट दी है। उनका मानना है कि चुनाव करीब होने की वजह से किसी भी मुद्दे को राजनीतिक रंग दिया जा सकता है। वहीं विपक्षी नेताओं ने नोटिस चस्पा करने की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि देश में तानाशाही नहीं लोकतंत्र है। लोकतंत्र में ऐसे आदेश व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन है।

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