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गोरखपुर की समीक्षा बैठक में चीफ सेक्रेट्री को आया गुस्सा:PWD के चीफ इंजीनियर से बोले- कैसे चीफ इंजीनियर हो, क्‍या नाम है तुम्हारा; तुम्‍हें कुछ पता नहीं है

गोरखपुरएक महीने पहले
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मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने PWD के चीफ इंजीनियर से निर्माण कार्यों में लगी कंपनी के बारे में जानकारी हासिल करनी चाही।

अपने दो दिनों के दौरे पर गोरखपुर पहुंचे प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने गुरुवार को कमिश्नर सभागार में अधिकारियों संग गोरखपुर मंडल विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्‍य सचिव के सख्‍त तेवर देखने को मिले। उन्‍होंने PWD के चीफ इंजीनियर से निर्माण कार्यों में लगी कंपनी के बारे में जानकारी हासिल करनी चाही।

कहा कि कंपनी कैसी है और उनका काम कैसा है? इसके आप मॉनीटर करते हैं कि नहीं? उन्‍होंने अंतिम महीने का अपडेट पूछा, इस पर सकारात्‍मक जवाब नहीं मिलने पर उन्‍होंने चीफ इंजीनियर को फटकार लगाते हुए कहा कि कैसे चीफ इंजीनियर हो तुम... क्‍या नाम है तुम्‍हारा... तुम्‍हें कुछ पता नहीं है। उनके इतना कहते ही चीफ इंजीन‍ियर को पसीना छूटने लगा।

विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे चीफ सेक्रेट्री
इतना ही नहीं उन्‍होंने कंपनी और उसके कार्यों के साथ प्रगति के बारे में गहराई से पड़ताल कर जानकारी जुटाने का निर्देश भी दिया। इसके साथ ही समय से कार्य को पूरा करने के निर्देश भी दिए। अलग-अगल विभागों की समीक्षा बैठक में मुख्‍य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने प्रगति जानने के लिए सवाल करने शुरू किए। इसी दौरान PWD विभाग के चीफ इंजीनियर मुख्‍य सचिव दुर्गा के सवालों की जद में आ गए।

दो दिनों के दौरे पर थे मुख्य सचिव
यूपी के मुख्‍य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद अपने दो दिनों के दौरे के बारे में विस्तार से बताया। उन्‍होंने कहा कि वे गोरखपुर मुख्‍य सचिव के रूप में पहली बार आ रहे हैं। लेकिन पहले कई बार आ चुके हैं। यहां पर NGT के द्वारा एक न्यूरो वायरोलॉजिस्ट प्रो. अनीता देसाई जो निमांस की प्रोफेसर हैं।

उनकी अध्यक्षता में टीम आई थी। ये देखने के लिए कि JE-AES के बारे में क्‍या काम किया गया है। वे देखकर काफी खुश हुईं कि यहां पर इतना सारा काम यहां पर हुआ है। वे खुद 2000 से लेकर 2002 तक यूपी सरकार में स्वास्थ्य सचिव होने के साथ यूपी हेल्‍थ डेवलपमेंट सिस्टम के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर भी रहे हैं।

गोरखपुर में दिख रहा बदलाव
उन्होंने कहा कि इस बार जब वे गोरखपुर आए हैं, तो उन्‍हें काफी कुछ बदला हुआ सा दिख रहा है। उन्‍होंने कहा कि शहर काफी सुंदर दिखने लगा है। सड़कें चौड़ी होने के साथ अतिक्रमण भी काफी हद तक नहीं के बराबर हो गए हैं। कहा कि 5.5 करोड़ के काम गोरखपुर में विकास के चल रहे हैं। गोरखपुर में उन्‍हें जो परिवर्तन देखने को मिला, वो साफ-सफाई है।

गोरखपुर में चल रहा 200 प्रोजेक्‍ट पर काम
मुख्य सचिव ने बताया कि गोरखपुर में 200 प्रोजेक्‍ट पर काम चल रहा है। मेट्रो का बड़ा प्रोजेक्‍ट यहां पर काम चल रहा है। भारत सरकार के सचिव के रूप में उन्‍होंने एप्रूवल करा दिए थे। ये स्‍वीकृ‍त होगा, तो गोरखपुर को नए लेवल पर लेकर जाएगा। चारों जिले कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज के विकास कार्यों को देखा है। सुधार के बारे में जानकारी हासिल की है।

सीएम ने नगर निगम, नगर पंचायत और नगर पालिका, सभी पुलिस अधिकारियों को इम्प्लिमेंटेशन कराया है। इससे शहर का स्‍वरूप बदल जाता है। पेट्रोल-डीजल के दामों को सब्सिडी देकर कम करने के सवाल पर उन्‍होंने कहा कि यूपी सरकार ने 5-6 महीने पहले ही छूट दे दी है। सरकार ने राशन कार्ड के माध्‍यम से लोगों को राशन मिल रहा है।

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