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गोरखपुर में युवक की हत्या मामले में साजिशकर्ता हिरासत में:उधार के रुपए न लौटने पड़े इसलिए सब्जी व्यापारी का कराया था मर्डर

गोरखपुर3 महीने पहले
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ये तस्वीर राजेंद्र दुबे की है। 24 जून को बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। - Money Bhaskar
ये तस्वीर राजेंद्र दुबे की है। 24 जून को बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।

गोरखपुर में 24 जून को हुई सब्जी व्यापारी की हत्या के मामले में पुलिस को कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने साजिशकर्ता को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ कर रही है। अभी तक की जांच में पता चला है कि सब्जी व्यापारी की हत्या दो शूटरों ने गोली मारकर की थी। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

सब्जी मंडी जाते समय शूटरों ने मार दी थी गोली

सब्जी व्यापारी राजेंद्र दुबे (54) 24 जून को सुबह बड़हलगंज मंडी से सब्जी लेकर मोपेड से घर जा रहे थे। भेड़ीताल के पास बदमाशों ने उनके सीने में गोली मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।हत्या को बाइक सवार दो लोगों ने अंजाम दिया था। जांच में सामने आया है कि राजेंद्र की हत्या शूटरों ने की थी। हत्या के साजिशकर्ता को पुलिस हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार राजेंद्र की हत्या गांव के ही एक व्यक्ति ने कराई थी।

हत्या में नहीं है बैंकाक और कोरिया कनेक्शन
पुलिस के अनुसार राजेंद्र की हत्या में बैंकाक और कोरिया कनेक्शन नहीं है। दरअसल राजेंद्र दुबे खुद एक हत्या मामले के आरोपी थे और जेल भी गए थे। वे बरी होकर बाहर आए थे। जिस हत्या में वे वह आरोपी थे वह हत्या 36 साल पहले 16 अप्रैल 1986 को हुई थी। जिसमें कल्याणपुर निवासी रामदेव यादव की मौत हुई थी। जिसमें हरिनाथ यादव की तहरीर पर रामबेलासदुबे बच्चन राजेंद्र दुबे लक्ष्मी राजेंद्र दुबे और राजेंद्र राजेंद्र दुबे के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। वर्तमान में अन्य तीनों आरोपियों की मौत हो चुकी है।

24 जून 2022 को भेड़ीताल के पास राजेंद्र की हत्या हुई थी।
24 जून 2022 को भेड़ीताल के पास राजेंद्र की हत्या हुई थी।

राजेंद्र दुबे 1990 में कोर्ट से साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए थे। तभी से वह सब्जी बेच रहे थे। वे इकलौते आरोपी थे जो बरी होने के बाद जीवित थे। वहीं 1986 में जिस रामदेव की हत्या हुई थी उसके दोनों बेटे बैंकाक में रहते हैं और भतीजा कोरिया में रहता है। रामदेव का छोटा बेटा दो माह पूर्व गांव भी आया था और असलहा लेकर घूम रहा था। पुलिस को पहले शक था कि कहीं उसके बेटों ने ही तो पिता की हत्या का बदला लेने के लिए राजेंद्र की हत्या नहीं कराई है। लेकिन पुलिस की जांच में उनका कोई रोल नहीं आया।

रामदेव के बेटों को फंसाने के लिए हुई है हत्या
पुलिस के अनुसार गांव के एक व्यक्ति ने रामदेव के बेटे से 24 लाख लिए थे। वह दे नहीं पा रहा था। चूंकि राजेंद्र, रामदेव की हत्या का आरोपी था। उसने 36 साल पहले रामदेव की हत्या की थी। रामदेव के बेटों से उसकी दुश्मनी थी। इसलिए रामदेव के बेटे से पैसे लेने वाले ने सोचा कि अगर राजेंद्र की हत्या हो जाए तो सबसे पहला शक रामदेव के बेटे पर जाएगा जो बैंकाक में रहता है।

हत्या के आरोप में वह जेल चला जाएगा और उसे उधार लिया रकम नहीं देना पड़ेगा। इसलिए उसने शूटरों से राजेंद्र की हत्या करा दी। मामले में एसपी साउथ अरूण कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही राजेंद्र हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया जाएगा।