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PM के मंच पर दिखे सहयोगी दलों के नेता:गोरखपुर से जातीय वोट बैंक का कार्ड भी खेल गए मोदी, अनुप्रिया पटेल और संजय निषाद भी रहे साथ

गोरखपुर2 महीने पहले
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मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल और निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ संजय निषाद साथ-साथ दिखे। - Money Bhaskar
मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल और निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ संजय निषाद साथ-साथ दिखे।

गोरखपुर के खाद कारखाने के मंच से विधानसभा चुनाव 2022 का बिगुल बजाने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंच पर एनडीए की एकजुटता भी दिखी। सत्ता में वापसी के लिए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को एक तरह से जवाब भी देना था, जो लगातार अपने सहयोगी दलों के साथ रैलियां कर माहौल बना रहे हैं। डेढ़ महीने में मंगलवार को पूर्वांचल की चौथी रैली के मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपना दल (एस) की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल और निषाद पार्टी के प्रमुख डॉ संजय निषाद साथ-साथ दिखे।

सहयोगी दलों संग दिया सियासी संदेश
10 हजार करोड़ की लागत से बने खाद कारखाने, एम्स और आरएमआरसी की लैब का लोकार्पण कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोरखपुर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में जहां विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। मंच पर पहली बार एनडीए के सहयोगी दलों के साथ खड़े होकर सियासी संदेश भी दिया। अपना दल (एस) की अध्यक्ष केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ओबीसी के कुर्मी समुदाय का प्रतिनिधित्व करती हैं। पिछड़ा वर्ग में उनकी अच्छी पकड़ है।

अकेले गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा क्षेत्रों में निषाद समाज के करीब पांच लाख मतदाता है।
अकेले गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा क्षेत्रों में निषाद समाज के करीब पांच लाख मतदाता है।

कुर्मी वोट भी बीजेपी के लिए होता रहा है वरदान
आबादी के लिहाज से ओबीसी वर्ग में यादव के कुर्मी समाज दूसरे नम्बर पर है। अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल (एस) का वाराणसी, गोरखपुर, महाराजगंज, संतकबीर नगर, अंबेडकरनगर, बस्ती, अयोध्या, मिर्जापुर, प्रतापगढ़, बाराबंकी, गोंडा, रॉबर्ट्सगंज प्रभाव है। भाजपा ने 2014, 2017 और 2019 के चुनाव में अपना दल के साथ मिल कर इसका लाभ भी उठाया था। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से उनका नाम काफी प्रमुखता से लिया। अगली पक्ति में उन्हें मंच पर स्थान भी मिला।

गोरखपुर में हैं 5 लाख निषाद वोटर्स
भाजपा की दूसरी सहयोगी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद भी मंच पर दिखे। उन्होंने मंच से जनसभा को संबोधित भी किया। मंच पर चढ़ते समय मोदी ने संजय निषाद को तवज्जो भी दिया। पिछड़ा वर्ग के संजय निषाद का आधार भी ओबीसी निषाद समुदाय के बीच गहरा है। संजय निषाद और उनके भाजपा से सांसद बेटे डॉ प्रवीण निषाद ने भी मंच से संबोधित किया। संजय निषाद के पास निषाद, केवट, बिंद, मल्लाह, कश्यप, मांझी, गोंड सहित करीब 22 उप जातियां हैं। गोरखपुर, वाराणसी, बलिया, देवरिया, बस्ती, जौनपुर और भदोही तक उनका असर है। अकेले गोरखपुर लोकसभा क्षेत्र की 9 विधानसभा क्षेत्रों में निषाद समाज के करीब पांच लाख मतदाता है।