पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गोरखपुर...HIV पॉजिटिव मरीजों के इलाज में जेल प्रशासन की लापरवाही:8 बंदियों का नहीं शुरू करा सका इलाज, चार महीने पहले जांच में पाया गया संक्रमण

गोरखपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
गोरखपुर जेल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा HIV संक्रमित मरीजों को भुगतना पड़ रहा, इलाज न मिलने से खौफ में जी रहे बंदी। - Money Bhaskar
गोरखपुर जेल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा HIV संक्रमित मरीजों को भुगतना पड़ रहा, इलाज न मिलने से खौफ में जी रहे बंदी।

यूपी के गोरखपुर स्थित मंडलीय कारागार के जिम्मेदारों की लापरवाही इस समय चरम पर है। जेल प्रशासन HIV पॉजिटिव मिले 8 बंदियों को अब तक मेडिकल कॉलेज भेज कर उनका इलाज शुरू नहीं करवा सका है। जबकि उनके संक्रमित होने की जानकारी जेल प्रशासन को चार माह पूर्व ही हो गई थी। हालत यह है कि संक्रमित 8 बंदी खौफ में जी रहे हैं।

महीने में दो बार होती है जांच
मंडलीय कारागार में वर्तमान में लगभग कुल 2300 बंदी निरूद्ध हैं। इन बंदियों की महीने में दो बार HIV स्क्रीनिंग होती है। हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बीआरडी मेडिकल कालेज की एआरटी टीम बंदियों की स्क्रीनिंग करती है। इस साल अब तक कुल 1470 बंदियों की जांच हुई है। जिसमें 17 बंदी एचआईवी से संक्रमित मिले। इनमें जुलाई तक संक्रमित मिले नौ बंदियों की को इलाज के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर ले जाया गया था। जहां उनकी HIV की दोबारा जांच हुई। यह जांच एलाइजा के जरिए हुई। इसके अलावा उनके चेस्ट का एक्सरे और खून की रूटीन जांच की गई। इसके बाद से उनकी एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी की जा रही है। लेकिन अभी भी शेष 8 बंदियों को बीआरडी के एआरटी सेंटर नहीं भेजा गया है। इन बंदियों की इलाज से पहले जांच होनी है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक ही दवाएं आदि इन बंदियों को दी जाती हैं।

इलाज में देरी हो सकती है घातक

बीआरडी के एआरटी सेंटर के काउंसलर सिद्धार्थ राय के अनुसार यह वायरस शरीर को अंदर से कमजोर करता है। रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालता है। ऐसे में संक्रमण का पता चलने के बाद इलाज में देरी नहीं करनी चाहिए।

क्या कहते हैं जेलर
बंदियों के इलाज में लापरवाही के सवाल पर जेलर प्रेम सागर शुक्ला का कहना है कि बंदियों को बीआरडी भेजने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बंदोबस्त करना पड़ता है। इस समय पर्याप्त सुरक्षा बल नहीं मुहैया हो पा रहा है। इस कारण कुछ देरी हो गई होगी। जल्द से जल्द बंदियों को बीआरडी में इलाज के लिए भेजा जाएगा, जिससे इलाज हो सके।

खबरें और भी हैं...