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गोरखपुर...PM के लोकार्पण से पूर्व एम्स बना जालसाजों का अड्‌डा:नौकरी के नाम पर 50 लोगों से हुई 19 लाख 32 हजार की ठगी

गोरखपुर6 महीने पहले
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गोरखपुर एम्स के लोकार्पण से पहले ही ठगो के जाल में बड़ी संख्या में लोग नौकरी के नाम पर फंस रहे हैं, कई लोगों के साथ जालसाजी मामले में दर्ज हुआ मुकदमा।

यूपी के गोरखपुर स्थित आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स का अभी प्रधानमंत्री द्वारा लोकार्पण भी नही हुआ। इससे पूर्व ही जालसाजों का अड्डा बन गया है। आए दिन एम्स में विभिन्न पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं व महिलाओं से लाखों की ठगी हो रही है। अब तक करीब 50 महिलाओं से करीब 19 लाख 32 हजार रूपये की ठगी का मामला सामने आ चुका है। अब तो खोराबार निवासी सरिता की तहरीर पर नंदानगर द​रगहिया निवासी मीरा के खिलाफ खोराबार थाने में धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के आरोप में केस भी बुधवार की देर रात दर्ज हो चुका है। यह एम्स में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का पहला केस दर्ज हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

गोरखपुर जिले की रहने वाली सरिता ने दर्ज कराया जालसाजी का मुकदमा।
गोरखपुर जिले की रहने वाली सरिता ने दर्ज कराया जालसाजी का मुकदमा।

खोराबार की सरिता समेत 50 लोगों से लिया है रकम

सीओ कैंट के निर्देश पर खोराबार थाने में बुधवार की रात दर्ज हुए मुकदमें में फरियादी खोराबार के नदुआ छावनी निवासी सरिता ने पुलिस को बताया कि बेलीपार के महाबीर छपरा निवासी रेखा व खोराबार के फुरसतपुर निवासी रमावती ने उसे बताया कि नंदानगर दरगहिया निवासी मीरा पत्नी सुनील कुमार एम्स में सफाई कर्मी, वार्ड ब्वाय, कंप्यूटर कैशियर की नौकरी दिलवा रही है। जिसके बाद रेखा व रमावती के साथ सरिता बीते 2 जुलाई को एम्स के बाहर नौकरी दिलवाने वाली मीरा से मिली। सरिता के साथ खोराबार के बड़गो निवासी मंजू गौड़ और बेलीपार के महाबीर छपरा निवासी राधिका गौड़ भी थी।

खुद को बताया एम्स का कर्मचारी

सरिता व अन्य लोगों के मिलने पर आरोपित मीरा ने बताया कि वह एम्स में काम करती है और वहां के अधिकारियों पंकज सिंह सोलंकी व विनोद यादव से अच्छे संबंध हैं। वह उन लोगों का विभिन्न पदों पर संविदा पर नौकरी लगवा देगी। लेकिन एक नौकरी का 50 हजार से डेढ़ लाख रूपये लगेंगे।

एकाउंट से दिया है रकम

दर्ज मुकदमें के अनुसार सरिता ने अपना व 11 अन्य लोगों का 147380 रूपये खाते से और 290000 रूपये नगद दिया। इसी प्रकार मंजू गौड़ ने अपना व सात अन्य लोगों का 405000, राधिका गौड़ ने अपना व आठ अन्य लोगों का 270000, मंजू शर्मा ने अपना व 12 अन्य लोगों का 420000, लाल मोहम्मद ने अपना व अपने भाई महबूब अली का 300000, बैजनाथ ने 20 हजार, मेनका ने 20 हजार,विमला ने 20 हजार, लक्ष्मण ने 20 हजार और अमन ने 20 हजार रूपये दिया। रकम लेने के बाद आरेापित मीरा ने 16 नवंबर 2021 तक नौकरी दिलाने का वादा किया था। लेकिन उसके बाद भी नौकरी नहीं दिलाई और फरार हो गई। परेशान होकर सरिता ने सीओ कैंट से मुलाकात की और जिसके बाद खोराबार पुलिस ने आरोपित मीरा के खिलाफ केस दर्ज किया है।

एम्स का एक गार्ड ही लेता है इंटरव्यू

जालसाजों की वजह से एम्स में नौकरी पाने का रेला लगा है। लोगों से मोटा पैसा लिया जाता है। कुछ को संविदा पर नौकरी मिलती है तो कुछ को हाथ मलना पड़ता है और वे ठगी के शिकार होते हैं। हालांकि एम्स प्रशासन का कहना है कि यहां कोई नौकरी नहीं दी जा रही है लोग एम्स के अधिकारियों से शिकायत करें तो कार्रवाई होगी।

नौकरी दिलाने के नाम पर धड़ल्ले से चल रहा है ठगी का धंधा

दूसरी ओर बेरोजगारों को विदेश में, एम्स सहित विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का काम गोरखपुर में धड़ल्ले से चल रहा है। इसको देखते हुए एसएसपी विपिन टांडा ने एसपी सिटी सोनम कुमार के ​नेतृत्व में ईगल नामक टीम भी बना चुके हैं। यह टीम सप्ताह में एक बार चौपाल लगाकर इस तरह के ठगी के मामले को सुन रही है। पिछले सप्ताह लगे चौपाल में एसपी सिटी के सामने विदेश या विभिन्न विभागों में नौकरी के नाम पर ठगी के कुल 40 मामले सामने आ चुके हैं। जिसमें विदेश में नौकरी दिलाने के 23 व विभिन्न विभागों में नौकरी दिलाने के 17 मामले सामने आए हैं। पुलिस ने इन सभी फरियादियों का व्हाटसएप ग्रुप भी बनाया है जिसमें की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाएगा।

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