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तरबगंज में राज ठाकरे के विरोध में मुस्लिम धर्मगुरु एकजुट:सांसद बृजभूषण शरण सिंह के आवास पर बैठक, कहा- बिना माफी के अयोध्या में नहीं रखने देंगे कदम

तरबगंज, गोंडाएक महीने पहले
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सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ मुस्लिम धर्मगुरु। - Money Bhaskar
सांसद बृजभूषण शरण सिंह के साथ मुस्लिम धर्मगुरु।

भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह को साधु-संतों के बाद अब मुस्लिम समुदायों का भी साथ मिल गया है। मुस्लिम समुदाय के प्रमुख धर्मगुरुओं ने भी सांसद को समर्थन देने का ऐलान किया है। बता दें तरबगंज में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे के अयोध्या दौरे के विरोध में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने मोर्चा खोला है।

उत्तर भारतीयों के सम्मान व स्वाभिमान की बात

बृजभूषण शरण सिंह के आवास नवाबगंज के विश्नोहरपुर में मंगलवार को संसदीय क्षेत्र कैसरगंज--बहराइच से मुस्लिम धुर्मगुरुओं की बैठक हुई। इस दौरान मनसे प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ 5 जून को अयोध्या कूच करने की रणनीति पर विचार-विमर्श कर जनसमर्थन-जनसहयोग का आह्वान किया गया। उलेमाओं ने सांसद बृजभूषण शरण सिंह के कदम की तारीफ की। कहा कि यह सांसद बृजभूषण सिंह की या किसी पार्टी विशेष की बात नहीं है, बल्कि पूरे उत्तर भारतीयों के मान-सम्मान और स्वाभिमान की बात है।

दलगत राजनीति से हटकर सोचने की जरूरत

उलेमाओं ने कहा कि सभी को दलगत राजनीति से हटकर सोचने की जरूरत है। महाराष्ट्र में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने जिस तरह से उत्तर भारतीयों को अपमानित, प्रताड़ित किया। वह बहुत ही शर्मनाक और निंदनीय है। यदि सांसद बृजभूषण शरण सिंह उत्तर भारतीयों से माफी मांगने की बात मनसे प्रमुख से कह रहे हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

माफी मांगना राज ठाकरे के हित में

राज ठाकरे को उत्तर भारतीयों के साथ किए गए अपने कृत्यों के लिए बेझिझक माफी मांग लेनी चाहिए। यही उनके हित में है। यदि वह उत्तर भारतीयों से माफी नहीं मांगेंगे तो उन्हें अयोध्या किसी भी कीमत पर नहीं आने दिया जाएगा। सांसद ने समर्थन में आये धर्मगुरुओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों के मानसम्मान की लड़ाई वे लड़ते रहेंगे। इस दौरान डॉ. मोहम्मद आलम सरहदी अध्यक्ष तालीमी सोसायटी उत्तर प्रदेश, सैय्यद बिस्मिल्लाह शाह, मौलाना मोहम्मद साहब कासमी, मौलाना सलाउद्दीन साहब मजरिहरी, मोहम्मद अबरार साहब, हाजी मोहम्मद सफी उल्लाह अंसारी अधिवक्ता, मोहम्मद मुजाहिद खान व मोहम्मद रईस साहब आदि मौजूद रहे।