पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

कागज में बन गई 4 लाख की तीन सड़कें:खुलासा होने पर पीली ईंट से प्रधान बनवा रहे सड़क, BDO ने रुकवाया काम

गोंडा2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कागज में बन गई 4 लाख की तीन सड़कें। - Money Bhaskar
कागज में बन गई 4 लाख की तीन सड़कें।

गोंडा में तीन वर्ष पूर्व कराये गये फर्जी सड़क निर्माण की शिकायत होने पर पोल खुल गई। डीएम की सख्ती से आनन-फानन में सड़क निर्माण तो शुरू हुआ, लेकिन पीले ईंट से। ऐसे में बीडीओ ने काम रुकवाया दिया है।

बेलसर ब्लॉक के बरसड़ा ग्राम मे भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला प्रकाश में आया है। जिसमें ग्राम प्रधान और ग्राम सेक्रेटरी द्वारा 14वें राज्य वित्त आयोग से 4 लाख रुपये की राशि मिली थी। 3 वर्ष पूर्व बिना काम कराए ही तीन सड़कों का खड़ंजा कार्य दिखाकर 4 लाख से अधिक का भुगतान कर दिया गया और पैसों का बंदर बांट कर लिया गया। जिसकी किसी को भनक नहीं लगने दी।

पैसों का हो गया बंदर बांट
ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वर्तमान जिलाधिकारी उज्जवल कुमार से की। आरोप है कि वर्तमान खंड विकास अधिकारी द्वारा अपने कर्मचारियों को बचाने के लिए पूर्व प्रधान से तत्काल खड़ंजा लगवाने को कहा। जिस पर काम भी शुरू हो गया।

पीले ईंट से बनाई गई सड़क।
पीले ईंट से बनाई गई सड़क।

निर्माण रोकने के बावजूद निर्माण हुआ पूरा
जब पीले ईंटों से निर्माण होने लगा तो इसकी शिकायत ग्रामीणों ने खंड विकास अधिकारी से की तो उन्होंने काम रोक देने के लिए कहा।फिर भी आनन फानन रातों-रात पीली ईंटों से ही सड़के तैयार कर दी गई।

इन पर है आरोप
शिकायतकर्ता बृजेंद्र सिंह, अर्पित सिंह, रेनू देवी, अंकित जायसवाल ,प्रमोद कुमार आदि ने बताया कि पूर्व प्रधान अमरावती देवी तथा सेक्रेटरी नरेन्द्र सोनी ने सत्र 2019-20 में ब्रह्मदेव स्थान से धनीराम के घर तक खड़ंजा कार्य पर 17,6,610 रुपए, कलवारन पुरवा में पंडित पुरवा से शिव बहादुर के घर तक खरंजा कार्य पर 17,6,610 रुपए तथा कलवारनपुरवा में ही सीसी रोड से धनीराम के घर तक 73,080 रुपए बिना कार्य कराए ही धनराशि का आहरण कर लिया गया था।

शिकायती पत्र।
शिकायती पत्र।

पिछले काम की पड़ताल में खुला पोल
इस बार के पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान तथा सदस्य पूरी तरह से बदल गए।लोगों ने पिछले कार्यकाल की पड़ताल शुरू की तो प्रधान व सेक्रेटरी सहित ब्लॉक कर्मियों द्वारा कूटरचित गबन का यह घोटाला सामने आया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से उक्त प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच करा कर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है।