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योग दिवस पर गोंडा से विशेष रिपोर्ट:योग जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली उपेक्षा का शिकार, बाबा रामदेव भी भूले 20 साल पुराना वादा

गोंडा2 महीने पहले
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महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली पर एक बड़ा सा चबूतरा है, जो खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।

योग एक ऐसी विधा है जिसका अभी तक धार्मिक आधार पर कोई बंटवारा नहीं हुआ। लगभग सभी जाति धर्म के लोग इसका हिस्सा बन चुके हैं। फिर भी प्रशासनिक उपेक्षाओं के चलते ऐसी विधा के जनक महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली आज भी उपेक्षित है। करीब 20 साल पहले गोंडा में एक कार्यक्रम में आए योगगुरू बाबा रामदेव ने पतंजलि जन्मस्थली पर एक हाल बनवा कर महर्षि पतंजलि की प्रतिमा स्थापित करने की बात कही थी, लेकिन वे भी यह वादा भूल चुके हैं।

महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के पास मौजूद मंदिर।
महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली के पास मौजूद मंदिर।

महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली पर एक बड़ा सा चबूतरा है, जो खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। बगल में एक छोटा सा मंदिर भी विद्यमान है। करीब 20 साल पहले बाबा रामदेव जिले के शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज के प्रांगण में एक शिविर का उद्घाटन करने आए थे। उस वक्त बाबा रामदेव को स्थानीय लोगों द्वारा बताया गया कि वजीरगंज कस्बा स्थित कोंडर झील के पास महर्षि पतंजलि की जन्मस्थली है। तब उन्होंने वहां जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन कुछ अड़चन आने के कारण वे वहां नहीं पहुंच सके।

कोंडर झील 9 किलोमीटर की क्षेत्र में फैली है।
कोंडर झील 9 किलोमीटर की क्षेत्र में फैली है।

पतंजलि जन्मभूमि न्यास के संस्थापक डॉ. स्वामी भागवताचार्य ने बताया कि उस समय बाबा रामदेव ने एक बड़ा सा हाल बना कर उसमें महर्षि पतंजलि की प्रतिमा स्थापित करने की बात कही थी। लेकिन योग गुरु यह बात भूल गए। उन्होंने कहा कि हमने बहुत पहले ही देश के प्रधानमंत्री से मांग की भी कि यहां पर अंतरराष्ट्रीय योग विश्वविद्यालय बने। कहा कि वजीरगंज का नाम बदलकर पतंजलिपुर रखा जाए तथा करीब 9 किलोमीटर में फैली कोंडर झील का सुंदरीकरण कराया जाए। ताकि देश विदेश के पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बन सके।

उन्होंने कहा कि बहुत से लोग पतंजलि के नाम पर व्यवसाय करते हैं। इनमें खासतौर से बाबा रामदेव अरबों का व्यापार करते हैं। उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया के लोगों ने पतंजलि को स्वीकार कर लिया है, तो बाबा रामदेव भी आए और सब लोग मिलकर पतंजलि की जन्मस्थलि का विकास करें।

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