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एनपीएस की राह में रोड़ा बना लेखा विभाग:टूट रहा शिक्षकों का भरोसा, हर माह वेतन से हो रही 10 प्रतिशत की कटौती

गोंडा2 महीने पहले
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न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) के फायदे बताकर इसे लेने के लिए प्रोत्साहित करने की जिम्मेदारी सरकार ने लेखा विभाग को सौंपी थी। लेकिन लेखा विभाग ही एनपीएस की राह में रोड़ा बन गया है। न्यू पेंशन स्कीम लेने वाले शिक्षकों के वेतन से प्रतिमाह 10 प्रतिशत की धनराशि की कटौती हो रही है। लेकिन लेखा विभाग के अफसरों की लापरवाही से कटौती की गई धनराशि उनके परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्रान) खाते में नहीं जमा हो रही है। उल्टे लेखा विभाग सरकार की हिस्सेदारी भी दबाए बैठा है। जिससे इस स्कीम सेशिक्षकों का भरोसा टूट रहा है।

बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में नौ हजार से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें से महज 1377 ऐसे हैं जिन्होंने न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) ले रखी है। इस स्कीम के तहत शिक्षकों के वेतन से 10 प्रतिशत की कटौती की जा रही है। जबकि हिस्सेदारी के तौर पर सरकार को भी 14 प्रतिशत की धनराशि का भुगतान करना है। इसके लिए शिक्षकों ने प्रान भी ले रखा है। शिक्षक के वेतन से कटौती की गई धनराशि व सरकार की हिस्सेदारी दोनों इसी परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट में जमा करानी है।

हिस्सेदारी को लेखा विभाग दबाए बैठा
एनपीएस के नाम पर शिक्षकों के खाते से तो प्रतिमाह की कटौती की जा रही है। लेकिन सरकार की हिस्सेदारी को लेखा विभाग दबाए बैठा है। सरकार की हिस्सेदारी जमा न होने सेप्रान खाता अपडेट नहीं हो रहा है। ऐसे में शिक्षकों के वेतन से काटी गई धनराशि में घपले की आशंका बढ़ गई है। शिक्षकों का प्रान खाता पिछले छह महीने से अपडेट नहीं हो सका है।

मार्च 2022 से अगस्त 2022 तक का बिल भी एक महीने से बनकर तैयार है लेकिन लेखा विभाग के अधिकारियों ने शिक्षकों के खाते से मिलान के नाम पर इस बिल को रोक रखा है। लेखा विभाग की इस लापरवाही से शिक्षकों का एनपीएस से मोहभंग हो रहा है। शिक्षक यशवंत पांडेय का कहना है कि एनपीएस की इन्हीं विसंगतियों से शिक्षक एनपीएस से दूर भाग रहे हैं।

शिक्षकों के खाते में धनराशि नहीं भेजी जा सकी
एनपीएस के लिए मिला 6 करोड़ का बजटएनपीएस को लेकर जब पटल लिपिक अरुण शुक्ला से जानकारी की गई। उन्होंने बताया कि बजट न होने से शिक्षकों के खाते में धनराशि नहीं भेजी जा सकी। उनका प्रान खाता भी नहीं अपडेट हो सका। अब शासन ने एनपीएस के लिए 6 करोड़ रुपये कीधनराशि आवंटित की है। धनराशि मिलने के बाद बिल ट्रेजरी भेजा जा रहा है। अगले सप्ताह तक पेंशन की धनराशि शिक्षकों के खाते में पहुंच जायेगी और उनका प्रान खाता भी अपडेट हो जायेगा।

अकाउंट अपडेट न होने से शिक्षकों का हो रहा नुकसानजिन शिक्षकों ने न्यू पेंशन स्कीम ले रखी है। उनका परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर (प्रान) खाता अपडेट नहीं हो रहा है। इसका सीधा असर उनकी पेंशन पर पड़ रहा है। क्योंकि उनके खाते से जो धनराशि काटी जा रही है अपडेशन न होने से उस पर किसी तरह का ब्याज नहीं मिल रहा है। शिक्षकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

धनराशि पर अधिक फायदा मिल सकता था
इसके अलावा न्यू पेंशन स्कीम पूरी तरह से शेयर बाजार पर आधारित है। शेयर बाजार बढ़ा तो पेंशन के तौर पर इनवेस्ट की गई धनराशि से फायदा होगा। लेकिन अगर शेयर बाजार में मंदी हुई तो निवेशक को घाटा उठाना पड़ेगा। पिछले महीने बाजार में मंदी थी। लेकिन इस महीने शेयर बाजार बढा है। अब अगर पेंशन की धनराशि उनके खाते में जमा कर उनके प्रान एकाउंट को अपडेट कर दिया गया होता। तो जमा धनराशि पर अधिक फायदा मिल सकता था।नहीं जाने दे रहे हैं।

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