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महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू राजनीतिक घमासान:गांधी जयंती के दिन उपवास रखकर आंदोलन की हुई शुरुआत

करनैलगंज2 महीने पहले
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कर्नलगंज नगर के धार्मिक और पौराणिक स्थल कहे जाने वाले सकरौरा घाट पर महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापना को लेकर शुरू हुआ विवाद है। जिसको लेकर आज अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश सिंह के द्वारा प्रशासन की तरफ से महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापना को रोकने के चलते प्रशासन की कार्य-शैली के विरुद्ध शांतिपूर्ण तरीके से उपवास रखकर आंदोलन की शुरुआत कर दी गई।

क्षेत्रीय नेता अवधेश सिंह के द्वारा शुरू किए गए इस आंदोलन में कई बड़े नेताओं ने समर्थन देना शुरू कर दिया है, साथ ही उनके उपवास में स्वयं भी उपवास रखकर इस आंदोलन को प्रशासन के लिए एक चुनौती के रूप में परिवर्तित कर दिया है।

अवधेश सिंह ने उपवास रखकर शुरू किया आंदोलन
अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तथा अनुभूति (साहित्यिक सांस्कृतिक व सामाजिक ट्रस्ट) के अध्यक्ष अवधेश सिंह ने नगर के सकरौरा घाट पर क्षत्रिय शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा की स्थापना को लेकर प्रशासन तथा मंदिर की जमीन के सरवराकारों व निगरानी कमेटी से बातचीत कर मूर्ति स्थापना के कार्य को शुरू कराया। लेकिन अवधेश सिंह ने बताया कि कुछ राजनैतिक दबाव के चलते मंदिर के प्रशासक एसडीएम के द्वारा मूर्ति स्थापना कार्य को रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि यह जमीन मंदिर की संपत्ति है और यहां केवल मंदिर ही बने हुए हैं जो बदहाली का शिकार है।

ऐसे में अगर यहां महाराणा प्रताप की मूर्ति की स्थापना होती है तो लोगों का आना जाना होगा और इस क्षेत्र का विकास होगा। लेकिन प्रशासन के द्वारा इस पुनीत कार्य को रोका जाना बेहद निंदनीय है। जिस पर आक्रोशित होकर उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन की शुरुआत करते हुए एक दिवसीय उपवास की घोषणा की।

कांग्रेस नेता ने दिया समर्थन
महाराणा प्रताप की प्रतिमा की स्थापना को लेकर शुरू हुए विवाद में एक दिवसीय उपवास कर रहे अखिल भारतीय क्षत्रिय कल्याण परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश सिंह को कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी वरिष्ठ नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी ने भी समर्थन दिया। कांग्रेस नेता ने कहा सरयू घाट वह पौराणिक स्थल है जहां सनातन धर्म के पूजनीय भगवान श्रीराम का आगमन भी हो चुका है। ऐसे पवित्र स्थान पर महाराणा प्रताप की मूर्ति की स्थापना समाज के लिए गौरव का विषय है जिसे रोका जाना बेहद निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन के द्वारा महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापना को रोकने के विरोध में हम गांधीवादी तरीके से आंदोलन करेंगे, और इस आंदोलन में नेता अवधेश सिंह को पूर्ण समर्थन देंगे। और आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक महाराणा प्रताप की मूर्ति स्थापित नहीं हो जाती।आंदोलन के दौरान नेतृत्व कर रहे अवधेश सिंह के साथ कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी, किसान नेता अशोक सिंह, जिला पंचायत सदस्य विवेक सिंह परसपुर विकास मंच के अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, इफ्तिखार अंसारी, गब्बू सिंह प्रधान प्रताप पुर, देवेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट हाई कोर्ट, मनीष सिंह एडवोकेट हाई कोर्ट, योगेश प्रताप सिंह राजू, राम स्नेही यादव, ननकू यादव।

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