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पीएमजेएसवाई की सडकें पांच साल से गड्ढे में तब्दील:16 गांवों को जोड़ती हैं सड़कें, दस वर्ष पहले सपा शासन में करोड़ों की लागत से बनी थी दोनों

जमानियां2 महीने पहले
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जमानियां में दस वर्ष पहले प्रधानमंत्री सड़क योजना अंतर्गत करीब नौ करोड़ की लागत से निर्मित 16 गांवों को जोड़ने वाली दो प्रमुख की दशा पिछले पांच साल से विभागीय उपेक्षा के चलते खस्ताहाल हो चुकी है। जबकि इन मार्गों के मरम्मत के नाम पर करीब बीस लाख खर्च किए। बावजूद प्रधानमंत्री ग्रामीण योज‌ना अंतर्गत बनी दोनों सड़कें जगह-जगह गड्ढे में तब्दील हो चुकी है।

इंद्रजीत,पीयूष,अश्वनी,रामदुलार,विजय,अनीश आदि ग्रामीणों ने बताया कि इस सडक ओर कोई ध्यान नहीं दिये जाने से इसकी दशा बद से बदतर होती जा रही है। जबकि विभागीय अधिकारियों व क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों का इस मार्ग से समय समय पर आवागमन बना रहता है। इन जर्जर व गड्ढा युक्त सड़कों से दिन-रात आवागमन के दौरान हादसे की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग किया कि इन जर्जर गड्ढा युक्त सड़कों की जल्द मरम्मत कराई जाए ताकि मुसाफिरों को सहूलियत हो सके।

यह क्षेत्र कृषक बहुल क्षेत्र होने के साथ ही व्यापारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है
ग्रामीणों ने बताया कि इन दोनों सडकों से सोलह गावों के लोगों का आवागमन बना रहता है। इन मार्गों से प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों का आना जाना लगा रहता है। लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र कृषक बहुल क्षेत्र होने के साथ ही व्यापारिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। लोगों ने बताया कि दरअसल यह सड़कें सिर्फ ग्रामीणों के आवागमन के लिए बनाई थी ताकि ग्रामीण और उनके वाहनों का आवागमन आसानी से हो सके, लेकिन विभागीय उपेक्षा के चलते इसकी दशा बदहाल हो चुकी है।

वर्ष 2000 में प्रारंभ हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केंद्र के द्वारा चालू की थी
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2000 में प्रारंभ हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना केंद्र के द्वारा चालू की थी। जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले वाली जनता को स्वास्थ्य शिक्षा एव किसानों को अपनी उपज जैसे फल सब्जी एवं अनाज का उचित दाम मिल सके एवं ग्रामीणों का नगर से संपर्क होने के कारण जीवन स्तर में सुधार आ सके। सीडीओ श्रीप्रकाश गुप्ता ने बताया कि मार्गों की मरम्मत के लिए सम्बन्धित को निर्देश दे दिए गये है।

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