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गाजीपुर में शिक्षा माफिया की सम्पत्ति कुर्क:नकल और पेपर आउट करवाकर बनाई करोड़ों की प्रापर्टी, जमीन व अर्ध निर्मित स्कूल को किया सीज

गाजीपुर6 महीने पहले
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गाजीपुर में शिक्षा माफिया का अर्धनिर्मित स्कूल करवाया गया सीज। - Money Bhaskar
गाजीपुर में शिक्षा माफिया का अर्धनिर्मित स्कूल करवाया गया सीज।

गाजीपुर में शिक्षा माफिया महेंद्र कुशवाहा की 4 करोड़ 80 लाख की संपत्ति कुर्क हुई है। आरोपी ने गैंग बनाकर पेपर आउट करवाने और नकल करवाने जैसे कामों से करोड़ों रुपयों का साम्राज्य खड़ा किया है। जिस पर अब प्रशासन का हंटर चल रहा है। 19 नवंबर को भी कुर्की की कार्रवाई की गई थी। उस पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14 (1) भी लगाई गई है। ये कार्रवाई एसडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह और सीईओ सिटी ओजस्वी चावला के नेतृत्व में डीएम एमपी सिंह के निर्देश पर हुई है।

एसडीएम और सीओ की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
जिले के एसडीएम और सीओ सिटी ने बताया कि शिक्षा माफिया राजेन्द्र कुशवाहा पर अवैध तरीके से धन अर्जित कर .3098 हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। वह उस जमीन पर स्कूल बनवा रहा था। जिसकी कीमत 4 करोड़ 80 लाख है। जिसको आज जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में कुर्क किया गया है। एसडीएम और सीओ ने बताया कि महेंद्र कुशवाहा पर गैंग बनाकर नकल कराने और पेपर आउट कराने के आरोप में ये कार्रवाई की गई है।

19 नवंबर को भी हुई थी कुर्की
महेंद्र कुशवाहा के परिजन ने कोतवाली क्षेत्र के रघुनाथपुर छावनी लाइन निवासी राजेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे रमेश कुशवाहा के नाम पर 26 जून 2015 को 1543 रकबा 0.2786 हेक्टेयर भूमि क्रय किया गया था। उसे बीते 19 नवंबर को मुनादी के बीच कुर्क करने की कार्रवाई की गई थी। कुर्क की गई इस सम्पत्ति की किमत लगभग 7 करोड़ बताई गई।

पिछले साल भी हुई थी कार्यवाही
जिला प्रशासन के आदेश पर अगस्त 2020 में राजेंद्र कुशवाहा के भाई पारस कुशवाहा के प्रबंधन वाले शिक्षण संस्थान बुद्धम शरणम इंटर कॉलेज, ग्लोरियस पब्लिक स्कूल आदर्श गांव छावनी लाइन के अलावा फत्तेहउल्लाहपुर डिग्री कालेज की बिल्डिंग और भूखंड और छह बाइक, चार लग्जरी वाहन कुर्क किए गए थे। वह कार्रवाई भी गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई थी। उन संपत्तियों की कीमत 12 करोड़ 31 लाख 59 हजार आंकी गई थी।

2016 में कारनामे आए थे सामने
परीक्षा में नकल की सुविधा मुहैया कराकर मनचाहे परिणाम दिलाने का ठेका लेने वाले रैकेट के काले कारनामे का खुलासा 2016 में हुआ था। जब पॉलीटेक्निक की प्रदेश स्तर पर हुई संयुक्त प्रवेश परीक्षा में उसके स्कूल के एक ही कमरे के 12 छात्र प्रदेश में टॉप किए थे। जांच के बाद सारा मामला सामने आया। तो 28 छात्रों की प्रवेश परीक्षा निरस्त कर दी गई थी।

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